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<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title><![CDATA[Jagran.com Hindi News - news : national]]></title><link>http://www.jagran.com/news/ : national-news-hindi.html</link><description><![CDATA[Jagran.com Hindi News]]></description><language>hi</language><generator>Jagran</generator><image><url>http://www.jagran.com/Resources/jagran/images/Jagran_logo.gif</url><title>Jagran</title><link>http://www.jagran.com</link></image><item><title><![CDATA[FSSAI ने डाबर को 100 प्रतिशत शुद्धता के दावे के साथ खाद्य पदार्थ बेचने से रोका
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-fssai-halts-daburs-100-pure-product-claims-news-in-hindi-40328733.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-fssai-halts-daburs-100-pure-product-claims-news-in-hindi-40328733.html</guid><pubDate>3 Aug 2026 20:55:49 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[एफएसएसएआई ने डाबर इंडिया को शहद और घी जैसे उत्पादों पर '100 प्रतिशत शुद्धता' के दावों के साथ बेचने से रोक दिया है। नियामक ने इन दावों को भ्रामक और उपभोक्ता नियमों का उल्लंघन बताया है, जिस पर डाबर जांच कर रहा है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।&nbsp;</strong>एफएसएसएआई ने डाबर इंडिया को शहद, गाय के घी और खाद्य तेलों जैसे कई उत्पादों को100 प्रतिशत के दावे के साथ बेचने से रोक दिया है। एफएसएसएआई का कहना है कि इस तरह की लेबलिंग कानून के खिलाफ है।</p>
<p><span style="background-color: #ffff00;">भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि डाबर इंडिया लिमिटेड को100 प्रतिशत दावों वाले खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक का आदेश जारी किया गया है, जिसमें शहद, तिल का तेल, गाय घी, नारियल पानी और ऐसे ही अन्य सामान शामिल हैं।</span></p>
<p>एफएसएसएआई ने डाबर इंडिया लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह नोटिस में बताए गए फूड प्रोडक्ट्स और100 प्रतिशत के भ्रामक दावे वाले अन्य सभी फ़ूड प्रोडक्ट्स की बिक्री पर तुरंत रोक लगाए और इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर जमा करे।</p>
<p>एफएसएसएआई ने कहा, कंपनी की वेबसाइट पर बेचे जा रहे खाद्य उत्पादों में100 प्रतिशत प्राकृतिक,100 प्रतिशत शुद्ध,100 प्रतिशत शुद्धता की गारंटी,100 प्रतिशत जैविक और100 प्रतिशत नारियल पानी जैसे गुमराह करने वाले दावे पाए गए।</p>
<p>नियामक ने स्पष्ट किया कि 100 प्रतिशत दावे का उपयोग एफएसएस (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन है, क्योंकि ये अस्पष्ट, अप्रामाणिक हैं और इनसे उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा सकता है।एफएसएसएआई ने कहा कि उसने पहले भी डाबर को नोटिस जारी करके गुमराह करने वाले100 प्रतिशत वाले दावों को बंद करने का निर्देश दिया था।</p>
<p>हालांकि, डाबर की ओर से कोई संतोषजनक सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। एफएसएसएआई के नोटिस के बाद डाबर इंडिया ने बयान में कहा, हमें नोटिस मिला है और हम अपनी वेबसाइट पर नोटिस में बताई गई जानकारी की जांच कर रहे हैं।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/08/04/article/image/FSSAI-1785790484224_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/08/04/article/image/FSSAI-1785790484224_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[FSSAI ने डाबर को 100 प्रतिशत शुद्धता के दावे के साथ खाद्य पदार्थ बेचने से रोका
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में अगले 24 घंटे में झमाझम बारिश, आपके शहर का कैसे रहेगा हाल?]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-heavy-rain-alert-up-bihar-more-states-for-next-24-hours-40328623.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-heavy-rain-alert-up-bihar-more-states-for-next-24-hours-40328623.html</guid><pubDate>3 Aug 2026 20:38:58 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मानसून की सक्रियता के कारण जलभराव और ट्रैफिक जैसी समस्याओं की आशंका है, वहीं दिल्ली में उमस से राहत मिल सकती है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> अगले 24 घंटे के लिए देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा, असम, मेघायल, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है।</p>
<p><span style="background-color: #ffff00;">भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मानसून कई हिस्सों में एक्टिव है। यही कारण है कि आने वाले 24 घंटे में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। कई इलाकों में ज्यादा बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी परेशानी हो सकती है।</span></p>
<h3>इन राज्यों में बारिश का अनुमान</h3>
<p>IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल सिक्किम में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पुड्डुचेरी, तमिलनाडु, केरलम, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, कोंकण, दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, मेघालय, असम और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश का अनुमान है।</p>
<h3>यूपी में कैसा रहेगा मौसम?</h3>
<p>यूपी में मानसून फिर सक्रिय होने जा रहा है। इस सप्ताह में प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने में औसत तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, लेकिन इस सप्ताह में अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियल की गिरावट हो सकती है।</p>
<h3>कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?</h3>
<p>दिल्ली में पूरे सप्ताह बादल छाए रहेंगे। लोगों को भीषण उमस से लोगों को राहत मिल सकती है। कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;</strong><a href="https://www.jagran.com/punjab/chandigarh-chandigarh-weather-ai-model-trial-for-accurate-forecasts-40328061.html">बारिश होगी या नहीं, मौसम कब करवट लेगा? AI माॅडल से पूर्वानुमान लगाने की तैयारी; चंडीगढ़ में ट्रायल शुरू</a></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Weather--1785777197986_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Weather--1785777197986_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में अगले 24 घंटे में झमाझम बारिश, आपके शहर का कैसे रहेगा हाल?]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[बांकीपुर-दतिया में कैसे पलटा गेम? मांजलपुर में कमल... 3 राज्य-3 सीटों के नतीजों की Inside Story]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-tide-turned-in-bankipur-datia-bjp-won-in-manjalpur-inside-story-behind-results-of-3-seats-across-3-states-40328557.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-tide-turned-in-bankipur-datia-bjp-won-in-manjalpur-inside-story-behind-results-of-3-seats-across-3-states-40328557.html</guid><pubDate>3 Aug 2026 20:27:26 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[बांकीपुर और दतिया उपचुनाव के नतीजों ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों को नई उम्मीद दी है। ]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>संजय मिश्र, नई दिल्ली।</strong> केंद्र में सत्तासीन भाजपा के राजनीतिक ऑपरेशन से हलकान विपक्षी राजनीति को बांकीपुर तथा दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने भविष्य की चुनावी लड़ाइयों के लिए नई उम्मीद दिखाई है।</p>
<p style="text-align: justify;">इसमें संदेह नहीं कि हाल में तृणमूल कांग्रेस तथा शिवसेना यूबीटी के 26 लोकसभा सदस्यों की बड़ी टूट के आपरेशन से बुरी तरह लड़खड़ाई विपक्षी राजनीति को फिर से मुकाबले के ट्रैक पर लाने के लिए उपचुनाव के ये नतीजे मनोवैज्ञानिक उत्प्रेरक का आधार तैयार कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/08/03/template/image/PTI08_03_2026_000325B-1785776953408.jpg" alt="PTI08_03_2026_000325B"></p>
<h2 style="text-align: justify;"><span>बांकीपुर-दतिया उपचुनाव ने विपक्षी राजनीति को नई उम्मीद&nbsp;</span></h2>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;"><strong>इन नतीजों को विपक्षी पार्टियां विशेषकर कांग्रेस जेन-जी छात्रों के आंदोलन को लेकर पहले सड़क से संसद तक चुनौतियों का सामना कर रही भाजपा के खिलाफ व्यापक सियासी विमर्श खड़ा करने का जरिया बना सकती हैं।</strong></span></p>
<p style="text-align: justify;">छात्रों के खिलाफ पुलिस लाठीचार्ज को लेकर पहले ही आक्रामक सियासी तेवर अपना रही कांग्रेस ने उपचुनाव के नतीजों को जनता विशेषकर जेन-जी की भाजपा से बढ़ती नाराजगी से जोड़ विपक्ष के ऐसे इरादों का संकेत भी दे दिया।</p>
<p style="text-align: justify;">दतिया और बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम विपक्षी खेमे के लिए कितने अहम हैं, इसका अंदाजा भाकपा-माले, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और सपा जैसे दलों की प्रतिक्रिया से लगाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/08/03/template/image/PTI08_03_2026_000381B-(1)-1785776944088.jpg" alt="PTI08_03_2026_000381B (1)"></p>
<p style="text-align: justify;">माकपा-माले के अलावा बाकी तीनों दलों का बांकीपुर और दतिया ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश तथा बिहार की राजनीति से भी सीधे कोई लेना-देना नहीं है।</p>
<p style="text-align: justify;">फिर भी वे भाजपा की हार में अपनी परोक्ष जीत देख रहे हैं। कुछ महीनों बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को चुनौती देने उतर रहे अखिलेश यादव की सपा के लिए इन नतीजों में भविष्य की उम्मीदें नजर आएंगी। उत्तर प्रदेश के अगले चुनाव में सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन लगभग तय माना जा रहा है।</p>
<h2 style="text-align: justify;"><span>कांग्रेस ने दतिया में भाजपा के गढ़ में प्रभावशाली जीत दर्ज की</span></h2>
<p style="text-align: justify;">ऐसे में बांकीपुर और दतिया के नतीजों के मायने इस लिहाज से भी हैं कि बिहार तथा मध्य प्रदेश दोनों उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में बिहार तो बुंदलेखड क्षेत्र में मध्य प्रदेश से अपने तरह की राजनीतिक और सांस्कृतिक समानताएं हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">जाहिर तौर पर भाजपा के गढ़ माने जाने वाले दतिया में कांग्रेस की प्रभावशाली जीत पार्टी को भविष्य में मध्य प्रदेश की सत्ता-सियासत में वापसी के लिए भरोसा पैदा करेगी। वहीं सपा को अपने भावी गठबंधन साझेदार कांग्रेस की भाजपा से सीधे मुकाबले की राजनीतिक क्षमता बरकरार रहने का भरोसा देगी।</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/08/03/template/image/20260803434L-1785776970505.jpg" alt="20260803434L"></p>
<p style="text-align: justify;">दतिया में कांग्रेस की जीत इस दृष्टि से भी अहम है कि सूबे में पार्टी के नए नेतृत्व ने जहां जुझारूपन दिखाया, वहीं दिग्वियज सिंह और कमलनाथ जैसे पुराने दिग्गज लगभग राजनीतिक परिदृश्य से बाहर ही रहे।</p>
<p style="text-align: justify;">विपक्ष के लिए बांकीपुर तथा दतिया के परिणाम छात्रों के आंदोलन में उठाए जा रहे मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव और गहरा करने का संदेश भी है।</p>
<p style="text-align: justify;">जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर भले ही अभी विपक्षी राजनीति के किसी फ्रेमवर्क का हिस्सा नहीं हैं, मगर बांकीपुर में उनकी जीत में गैर भाजपा-राजग खेमे के दल भविष्य के उभरते सामाजिक-सियासी परिदृश्य की झांकी देख रहे हैं।</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/08/03/template/image/20260803441L-1785776984230.jpg" alt="20260803441L"></p>
<p style="text-align: justify;">पटना के प्रमुख शहरी इलाके की इस सीट पर उच्च वर्ग के मतदाताओं की काफी बड़ी संख्या है, जो परंपरागत रूप से बीते तीन दशक से भाजपा के अटूट समर्थक रहे हैं। मगर प्रशांत किशोर की जीत के बाद विपक्षी दलों को अब राष्ट्रीय स्तर पर शहरी मध्यम वर्ग तथा उच्च वर्ग के बीच अपनी स्वीकार्यता की संभावनाएं दिखाई देने लगेंगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/politics/national-new-face-old-politics-why-bjp-lose-datia-by-election-despite-replacing-candidate-who-had-taken-narottam-mishras-place-40328432.html">चेहरा नया, राजनीति वहीं... नरोत्तम मिश्रा की जगह उम्मीदवार बदलने के बावजूद दतिया उपचुनाव क्यों हारी बीजेपी?</a></strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/madhya-pradesh/bhopal-datia-bypoll-result-congress-leads-by-6583-votes-after-8-rounds-40328067.html">दतिया ने फिर दिया कांग्रेस को जनादेश, घनश्याम सिंह 6016 वोटों से जीते; नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर भी हारी भाजपा</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Bankipur-by-election-1785777390160_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Bankipur-by-election-1785777390160_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[बांकीपुर-दतिया में कैसे पलटा गेम? मांजलपुर में कमल... 3 राज्य-3 सीटों के नतीजों की Inside Story]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[क्या आपका Whatsapp अकाउंट भी बंद हो गया? भारत समेत दुनियाभर के यूजर्स को क्यों आई समस्या
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-whatsapp-accounts-blocked-globally-24-hour-review-issue-40328697.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-whatsapp-accounts-blocked-globally-24-hour-review-issue-40328697.html</guid><pubDate>3 Aug 2026 18:27:25 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[Whatsapp ने अचानक कई यूजर्स के अकाउंट 24 घंटे की जांच के लिए ब्लॉक कर दिए, जिससे भारत सहित दुनियाभर के यूजर्स को परेशानी हुई।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> इंस्टेंट मैसेजिंग एप Whatsapp ने सोमवार शाम को अचानक कई यूजर्स के अकाउंटों को जांच के लिए 24 घंटे की निगरानी में डाल दिया। एप के सभी फीचर्स और चैटिंग को ब्लॉक कर दिया गया।</p>
<p style="text-align: justify;">इस कदम से भारत समेत कई देशों के यूजर्स परेशान हो गए और इंटरनेट मीडिया पर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। सोमवार रात करीब आठ बजे यूजर्स को Whatsapp पर यह दिक्कत आनी शुरू हुई।</p>
<p style="text-align: justify;">एप खोलने पर एक संदेश दिखाई दिया कि उनका अकाउंट जांच के दायरे में है और इसकी गतिविधियों एवं डिवाइस से संबंधित जानकारी की जांच की जा रही है। इसके साथ ही 24 घंटे के भीतर इस पर फैसला लेने की जानकारी भी दी गई।</p>
<h2 style="text-align: justify;"><span>कई लोगों ने 'एक्स' पर अपनी नाराजगी जताई</span></h2>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा एप में यूजर्स को जिम्मेदारी से इसका इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए और चोरी हुए फोन या अकाउंटों से जुड़ी जानकारी के विकल्प भी दिखाए गए। कई लोगों ने 'एक्स' पर अपनी नाराजगी जताई।</p>
<p style="text-align: justify;">एक यूजर्स ने कहा कि उसका अकाउंट बिना किसी कारण के बंद कर दिया गया है और अपील के बाद भी सिर्फ सामान्य संदेश ही दिख रहा है।</p>
<p style="text-align: justify;">एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उसका काम पूरी तरह Whatsapp पर निर्भर है और बिना चेतावनी अकाउंट बंद होने से बड़ी समस्या पैदा हो गई है।</p>
<h2 style="text-align: justify;"><span>Whatsapp के क्या कहा?</span></h2>
<p style="text-align: justify;">इस संबंध में टिप्पणी के लिए संपर्क किए जाने पर Whatsapp के प्रवक्ता ने कहा- 'हम लगातार उन लोगों पर नजर रखते हैं जो हमारे एप का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">यूजर्स की सुरक्षा के लिए ऐसे अकाउंटों पर कार्रवाई करते हैं। हालांकि, कभी-कभी हमसे गलती भी हो जाती है। ऐसे मामलों में हम उसे जल्द से जल्द सुधारने की कोशिश करते हैं ताकि लोग फिर से सामान्य रूप से चैट कर सकें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/technology/tech-news-whatsapp-reportedly-asks-users-in-india-for-date-of-birth-ahead-of-potential-age-rules-40326347.html">क्या भारत में 18 से कम उम्र वालों के लिए बदलेगा WhatsApp? फीचर का स्क्रीनशॉट आया सामने</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Whatsapp-account-blocked-1785781603222_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Whatsapp-account-blocked-1785781603222_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[क्या आपका Whatsapp अकाउंट भी बंद हो गया? भारत समेत दुनियाभर के यूजर्स को क्यों आई समस्या
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[दिल्ली में अंबेडकर स्मारक बनाने पर केंद्र ने खर्च किए 122.87 करोड़ रुपये, केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने लोकसभा को दी जानकारी]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-ambedkar-memorial-delhi-centre-spent-12287-cr-minister-informs-40328695.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-ambedkar-memorial-delhi-centre-spent-12287-cr-minister-informs-40328695.html</guid><pubDate>3 Aug 2026 18:25:44 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा को बताया कि केंद्र सरकार ने 2018 में दिल्ली में अंबेडकर स्मारक पर 122.87 करोड़ रुपये खर्च किए।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को लोकसभा को बताया कि केंद्र सरकार ने 2018 में दिल्ली में अंबेडकर स्मारक बनाने पर 122.87 करोड़ रुपये खर्च किए।</p>
<p><span style="background-color: #ffff00;">केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने प्रश्न के उत्तर में कहा, संस्कृति मंत्रालय ने मूर्तियां और स्मारक नहीं बनाए हैं। उन्होंने आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्यूडी) के जरिये बनाई गई मूर्तियों और स्मारकों की जानकारी साझा की।</span></p>
<p>साझा की गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली में अंबेडकर स्मारक बनाने पर 122.87 करोड़ रुपये, 2019 में गुजरात के दांडी में नेशनल दांडी मेमोरियल परिसर बनाने पर 59 करोड़ रुपये, 2017-18 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का स्मारक बनाने पर 41.34 करोड़ रुपये, 2024 में नई दिल्ली के जैसलमेर हाउस में बीआर. आंबेडकर की मूर्ति के लिए प्लेटफार्म बनाने पर 7.89 लाख रुपये, सुप्रीम कोर्ट परिसर में आंबेडकर की मूर्ति पर 14.56 लाख रुपये और दिल्ली के हौज खास में एनसीईआरटी परिसर में वेद व्यास की मूर्ति पर 1.95 लाख रुपये खर्च किए गए।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 अप्रैल, 2018 को दिल्ली में अलीपुर रोड पर, डा. अंबेडकर के महापरिनिर्वाण स्थल पर डा. अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक का उद्घाटन किया था। अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2025-26 में देशभर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) संरक्षित स्मारकों के संरक्षण और रखरखाव के लिए 376.88 करोड़ रुपये आवंटित किए है।</p>
<p>मंत्री ने कहा कि एएसआई के अधिकार क्षेत्र में पूरे देश में "3,688 संरक्षित स्मारक और स्थल" हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ में सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर और भोरमदेव मंदिर शामिल हैं। ये सभी स्मारक अच्छी स्थिति में हैं। मंत्री ने कहा कि एएसआई में कुल 8,755 स्वीकृत पदों में से 3,073 पद खाली हैं।</p>
<h2>कलाकृतियों के जीर्णोद्धार के लिए इंडियन म्यूजियम- आईआईटी-खड़गपुर ने मिलाया हाथ</h2>
<p>अन्य प्रश्न के उत्तर में संस्कृति मंत्री ने कहा कि कोलकाता के इंडियन म्यूज़ियम ने पुरातत्व से जुड़ी कलाकृतियों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित जीर्णोद्धार के लिए आईआईटी-खड़गपुर के साथ हाथ मिलाया है। मंत्री ने यह भी कहा गया कि इंडियन म्यूज़ियम ने गूगल आर्ट एंड कल्चर के साथ मिलकर, डिजिटल माध्यमों से विरासत को बढ़ावा देने के लिए वर्चुअल प्रदर्शनी तैयार की है। गूगल आर्ट एंड कल्चर गूगल का सांस्कृतिक प्लेटफार्म है।</p>
<p>इसके साथ ही एएसआई ने हंपी (कर्नाटक) और नालंदा (बिहार) में मौजूद म्यूज़ियम के लिए मोबाइल-बेस्ड एप लांच किए हैं। दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने अपनी शैक्षणिक और अभिलेखीय गतिविधियों के जरिये मिथिला कला, परंपराओं और पांडुलिपियों के विभिन्न पहलुओं का दस्तावेजीकरण, शोध, प्रकाशन और डिजिटल संरक्षण किया है।</p>
<p>'म्यूजियम्स आफ इंडिया' पोर्टल के जरिये राष्ट्रीय डिजिटल रिपाजिटरी बनाई गई है, जहां आठ राष्ट्रीय स्तर के म्यूज़ियम, एएसआई के दो म्यूज़ियम और पुणे के डा. बाबासाहेब अंबेडकर म्यूजियम के डिजिटाइज़्ड कलेक्शन उपलब्ध हैं।</p>
<p><strong>(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)</strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Parliament-(4)-1785781330863_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Parliament-(4)-1785781330863_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[दिल्ली में अंबेडकर स्मारक बनाने पर केंद्र ने खर्च किए 122.87 करोड़ रुपये, केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने लोकसभा को दी जानकारी]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[इस साल जून तक उड़ानों में 352 तकनीकी खामियां आईं सामने, उड्डयन मंत्रालय ने राज्यसभा में दी जानकारी

]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-352-flight-technical-glitches-by-june-aviation-ministry-data-40328691.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-352-flight-technical-glitches-by-june-aviation-ministry-data-40328691.html</guid><pubDate>3 Aug 2026 18:19:33 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[सरकार ने बताया कि जून तक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 352 तकनीकी खामियां सामने आईं, जिनमें अकासा एयर, एअर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो की उड़ानें शामिल हैं। ]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> सरकार ने सोमवार को बताया कि इस वर्ष जून तक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन में 352 बड़ी तकनीकी खामियां सामने आई हैं।</p>
<p>नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से राज्यसभा में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल खामियों में से 334 घरेलू उड़ान संचालन से संबंधित थीं और शेष का संबंध अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से था। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक लिखित जवाब में यह आंकड़ा मुहैया कराया। हालांकि मंत्री ने तकनीकी खामियों के बारे में विस्तृत विवरण नहीं दिया।</p>
<p>डेटा के अनुसार, 352 खामियों में से 152 का संबंध अकासा एयर, 53 का एअर इंडिया एक्सप्रेस और 47 का इंडिगो की उड़ानों से था। उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए ) ने जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच सुरक्षा उल्लंघनों को लेकर विमानन कंपनियों को 382 नोटिस जारी किए।</p>
<p>मोहोल ने एक अन्य सवाल पर लिखित जवाब में बताया कि भारतीय हवाई अड्डों पर सालाना यात्रियों को संभालने की कुल क्षमता बढ़कर 58 करोड़ से ज्यादा हो गई है। हवाई अड्डों की क्षमता बढ़ाने और आधुनिकीकरण के लिए कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।</p>
<h3>आगरा स्टेशन मास्टर पर हमले में निलंबित किए गए आरपीएफ कर्मी: वैष्णव</h3>
<p>रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा को बताया कि आगरा के एक स्टेशन पर आरपीएफ कर्मियों द्वारा स्टेशन मास्टर पर कथित तौर पर किए गए हमले के मामले में जांच के लिए अंतर-विभागीय समिति गठित की गई है। यह जवाब सपा सांसद रामजी लाल सुमन के उस सवाल पर था कि गत जुलाई में आगरा स्टेशन पर आरपीएफ कर्मियों ने एक रेलवे कर्मचारी पर हमला किया था। उस संबंध में अब तक क्या कार्रवाई की गई है।</p>
<h3>कैटरिंग कंपनियों पर 5.13 करोड़ रुपये लगाया गया जुर्माना</h3>
<p>रेल मंत्री ने राज्यसभा में बताया कि पिछले तीन वर्षों में ट्रेनों में खराब खाने और गंदी पैंट्री कारों को लेकर मिली कई शिकायतों की जांच के बाद सर्विस प्रोवाइडर्स पर 5.13 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।</p>
<p>अश्विनी वैष्णव ने केरलम में रेल कोच फैक्ट्री के संबंध में पूछे गए एक अन्य सवाल पर कहा कि मौजूदा इकाइयां मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त हैं। 2012-13 के रेल बजट में केरलम के पलक्कड़ में रेल कोच फैक्ट्री को मंजूरी दी गई थी।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/AIRPORT-F-1785781019495_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/AIRPORT-F-1785781019495_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[इस साल जून तक उड़ानों में 352 तकनीकी खामियां आईं सामने, उड्डयन मंत्रालय ने राज्यसभा में दी जानकारी

]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[असम में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 160 करोड़ की पहली किस्त जारी, मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 85
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-assam-flood-relief-160-cr-released-for-75k-families-40328648.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-assam-flood-relief-160-cr-released-for-75k-families-40328648.html</guid><pubDate>3 Aug 2026 18:17:24 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[असम सरकार ने इस वर्ष की बाढ़ से प्रभावित 75,000 से अधिक परिवारों के लिए 160 करोड़ रुपये की अंतरिम राहत की पहली किस्त जारी की है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी।</strong> असम सरकार ने सोमवार को इस वर्ष की बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित 75,000 से अधिक परिवारों के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये की पहली किस्त अंतरिम राहत के रूप में जारी की।</p>
<p><span style="background-color: #ffff00;">इस वर्ष की बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है, क्योंकि रविवार को तीन और मौतों की सूचना मिली है, जबकि प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 1.35 लाख हो गई है।</span></p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि ऊपरी असम के सबसे प्रभावित जिलों का दौरा कर रहे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ से अंतरिम राहत की पहली किस्त जारी की। सिवासागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त घरों वाले लगभग 75,000 परिवारों को प्रत्येक को 15,000 रुपये मिले।</p>
<p>प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत प्रभावित पात्र परिवारों के लिए भी सब्सिडी जारी की गई। सरमा ने पहले सबसे प्रभावित जिलों के लिए कई अंतरिम राहत उपायों की घोषणा की थी, जिनमें से अधिकांश मुख्यमंत्री राहत कोष में प्राप्त दान से कवर किए जाएंगे।</p>
<p><strong>(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)</strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/assam-floods-1785778671554_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/assam-floods-1785778671554_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[असम में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 160 करोड़ की पहली किस्त जारी, मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 85
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA['एकजुट तंत्र से निपट सकते हैं भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से', जनरल एनएस राजा सुब्रमणि सीडीएस का बयान
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-cds-general-ns-raja-subramani-on-future-security-challenges-40328689.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-cds-general-ns-raja-subramani-on-future-security-challenges-40328689.html</guid><pubDate>3 Aug 2026 18:16:08 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने सैन्य अधिकारियों को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए कौशल विकास पर जोर दिया।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> तीनों सेनाओं के प्रमुख (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने सोमवार को सैन्य अधिकारियों को तीनों सेनाओं को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से अवगत कराया। कहा, हम उन चुनौतियों का जवाब देने का कौशल विकसित करके ही अपने अस्तित्व की रक्षा कर सकते हैं।</p>
<p><span style="background-color: #ffff00;">जनरल सुब्रमणि ने यह बात तीनों सेनाओं के भविष्य के युद्ध के तरीकों पर विचार करने और उनके अनुसार खुद को तैयार करने के कार्यक्रम में यह बात कही है। चार सप्ताह का यह पाठ्यक्रम आधारित कार्यक्रम हेडक्वार्टर्स इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में आयोजित किया गया है।</span></p>
<p>कार्यक्रम में सीडीएस जनरल सुब्रमणि ने कहा, इस पाठ्यक्रम में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि हम भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को समय रहते भांप लें। इससे हम उनसे आसानी से निपट सकेंगे और उन चुनौतियों के प्रभाव को सीमित कर पाएंगे। इस कार्यक्रम में तीनों सेनाओं के अधिकारियों के साथ ही सरकार, उद्योग, अकादमिक संस्थान और रणनीतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं।</p>
<p>भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर विचार के लिए तीनों सेनाओं के अधिकारियों के पाठ्यक्रम का यह चौथा संस्करण है। इससे पूर्व के तीन संस्करणों में सेनाओं ने घरेलू, क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर खुद को तैयार करने की रूपरेखा बनाई और उन्हें व्यवहार में लाया गया है।</p>
<p>सीडीएस ने अपने उद्बोधन में भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस, साइबर कैपेबिलिटी का विकास करने, आटोनोमस सिस्टम विकसित करने, सूचना आधारित युद्ध की तैयारी, अंतरिक्ष तकनीक पर कार्य करने और निर्णय प्रक्रिया में आंकड़ों पर आधारित निष्कर्षों को शामिल करने पर जोर दिया।</p>
<p>जनरल सुब्रमणि ने तीनों सेनाओं और संबद्ध संस्थाओं के बेहतर सहयोग, एकजुट होकर कार्यक्षमता विकसित करने और शोध कार्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Raja-Subramani-1785780831420_t.webp" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Raja-Subramani-1785780831420_t.webp" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA['एकजुट तंत्र से निपट सकते हैं भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से', जनरल एनएस राजा सुब्रमणि सीडीएस का बयान
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[हाईवे पर बढ़ी सुरक्षा की रफ्तार, कोविड के बाद पहली बार सड़क हादसों में आई बड़ी कमी

]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-india-sees-significant-drop-in-national-highway-accidents-postcovid-40328688.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-india-sees-significant-drop-in-national-highway-accidents-postcovid-40328688.html</guid><pubDate>3 Aug 2026 18:13:30 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[कोरोना महामारी के बाद पहली बार राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में 4.1% की कमी आई है, जो सड़क सुरक्षा प्रयासों की सफलता का संकेत है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> कोरोना महामारी के बाद पहली बार देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।</p>
<p>सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय राजमार्गों और केंद्र के अधीन एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 4.1 प्रतिशत घटकर 62,122 रह गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 64,772 था। यातायात सामान्य स्तर पर लौटने के बावजूद हादसों में आई यह गिरावट सड़क सुरक्षा के मोर्चे पर सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में राज्य राजमार्गों और शहरी सड़कों पर दुर्घटनाओं का दबाव बना रहा, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर सुधार देखने को मिला। सरकार इसका श्रेय अपनी 4ई रणनीति एजुकेशन, इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट और इमरजेंसी केयर को दे रही है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पाट्स को दुरुस्त करने, सड़कों के बेहतर डिजाइन, स्पष्ट संकेतक, एक्सेस कंट्रोल, स्पीड कैमरों और इलेक्ट्रानिक निगरानी जैसे कदमों का सकारात्मक असर सामने आया है। वहीं, 'गोल्डन आवर' में कैशलेस इलाज जैसी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं ने भी कई लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p>राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक सुधार दर्ज किया गया, जहां हाईवे पर मौतों की संख्या 9,560 से घटकर 7,573 रह गई। मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 4,644 से घटकर 3,610 और पंजाब में 1,562 से घटकर 1,022 पर आ गया।</p>
<p>हालांकि तस्वीर पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाईवे दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिनमें तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक और बिहार प्रमुख हैं।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा की चुनौती अब भी गंभीर बनी हुई है। तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, चालक की थकान और मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ध्यान भटकना आज भी घातक दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह हैं।</p>
<p>सरकार के ई-डीएआर (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) पोर्टल के ताजा आंकड़े सुधार का संकेत जरूर देते हैं, लेकिन इस रुझान को बनाए रखने के लिए सख्त प्रवर्तन, बेहतर सड़क अवसंरचना और जनजागरूकता पर लगातार काम करने की जरूरत होगी।</p>
<p><strong>(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)</strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/NHAI-AI--1785780679889_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/NHAI-AI--1785780679889_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[हाईवे पर बढ़ी सुरक्षा की रफ्तार, कोविड के बाद पहली बार सड़क हादसों में आई बड़ी कमी

]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA['फुटपाथ पर चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार', सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-sc-directs-centre-ensure-safe-encroachment-free-footpaths-40328487.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-sc-directs-centre-ensure-safe-encroachment-free-footpaths-40328487.html</guid><pubDate>3 Aug 2026 18:09:43 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को देश की हर सड़क पर पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित और अतिक्रमण-मुक्त जगह सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है। ]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> देश की सर्वोच्च अदालत ने सड़क पर पैदल चलने वालों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है।</p>
<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया कि देश की हर सड़क पर पैदल चलने वालों के लिए एक सुस्पष्ट, सुरक्षित और अतिक्रमण-मुक्त जगह का प्रविधान हो।</p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने केंद्र से दोटूक शब्दों में कहा कि सड़क कहीं भी हो, फुटपाथ बनाया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पैदल चलने के लिए तय जगह को वाहनों की लेन से अलग रखा जाए।</p>
<h2 style="text-align: justify;"><span>पैदल चलने वाले रास्ते पर&nbsp;<span>अतिक्रमण न हो:&nbsp;<span>जस्टिस नरसिम्हा&nbsp;</span></span></span></h2>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश हुए अडिशनल सालिसिटर जनरल (एएसजी) के.एम. नटराज को निर्देश दिया कि वे संबंधित अधिकारियों को तुरंत यह सुनिश्चित करने के लिए कहें कि पैदल चलने के लिए तय किए गए मार्ग पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या अतिक्रमण न हो।</p>
<p style="text-align: justify;">पैदल चलने के लिए तय जगह को वाहनों की लेन से अलग रखा जाए। कोर्ट ने बेहद व्यावहारिक लहजे में कहा कि इसके लिए किसी भारी-भरकम निवेश या बड़े निर्माण कार्य की जरूरत नहीं है, बल्कि सिर्फ साधारण तरीके से पैदल मार्ग की उचित बैरिकेडिंग या सीमांकन (डेमार्केशन) किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align: justify;">पीठ ने कहा, 'जहां भी सड़क है, वहां पैदल चलने वालों के लिए जगह होनी चाहिए। इसे रस्सी या किसी भी अन्य माध्यम से चिन्हित करें और यह सुनिश्चित करें कि उस पर कोई अतिक्रमण न हो।'</p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने एएसजी को संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने के लिए दो हफ्ते का समय दिया और इस बात पर जोर दिया पैदल यात्रियों के मन में यह विश्वास पैदा होना चाहिए कि वह जगह केवल उनके लिए है और वे बिना किसी डर या खतरे के स्वतंत्र रूप से चल सकते हैं। बहरहाल, इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की गई है।</p>
<h2 style="text-align: justify;"><span>फुटपाथ पर चलने का अधिकार नागरिकों का मौलिक अधिका: SC</span></h2>
<p style="text-align: justify;">यह पूरा मामला एक बेहद दुखद सड़क दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें एक पिता ने स्कूल जाते समय अपने पांच साल के मासूम बेटे को खो दिया था। इस हृदयविदारक घटना का संज्ञान लेते हुए 19 जून को सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यवस्था के तहत यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया था कि चिन्हित फुटपाथ पर चलने का अधिकार नागरिकों का मौलिक अधिकार है।</p>
<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(डी) के तहत मिलने वाले आवाजाही के अधिकार और अनुच्छेद 21 के अंतर्गत 'जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता' का अभिन्न हिस्सा है। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि पैदल चलने का यह अधिकार मोटर वाहनों की आवाजाही से कहीं अधिक प्राथमिक है।</p>
<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि जहां सड़क है, वहां सुरक्षित फुटपाथ मुहैया कराना प्रशासन की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। इस कर्तव्य को निभाने की जिम्मेदारी शहरी विकास प्राधिकरणों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं और यहां तक कि पंचायतों की भी है।</p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने चेतावनी दी कि पैदल चलने के अधिकार का उल्लंघन होने पर नागरिक मुआवजे और कानूनी उपायों के लिए स्वतंत्र रूप से अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। यह मानवीय पहल देश के हर नागरिक के जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।'</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/news/national-supreme-court-expresses-concern-over-pci-functioning-40328534.html">सुप्रीम कोर्ट ने फार्मेसी काउंसिल के कामकाज पर जताई चिंता, केंद्र लाएगा नया कानून?</a></strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/news/national-sc-extends-ipc-498a-to-livein-partners-for-cruelty-40328521.html">लिव इन पार्टनर को भी पत्नी वाला अधिकार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- क्रूरता की तो होगी जेल</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Supreme-Court-(11)-1785769047056_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/08/03/article/image/Supreme-Court-(11)-1785769047056_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA['फुटपाथ पर चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार', सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
]]></media:title></media:content></item></channel></rss>







