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<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title><![CDATA[Jagran.com Hindi News - news : national]]></title><link>http://www.jagran.com/news/ : national-news-hindi.html</link><description><![CDATA[Jagran.com Hindi News]]></description><language>hi</language><generator>Jagran</generator><image><url>http://www.jagran.com/Resources/jagran/images/Jagran_logo.gif</url><title>Jagran</title><link>http://www.jagran.com</link></image><item><title><![CDATA['यह बंगाल की महिलाओं और उनके सम्मान की जीत', भाजपा की ऐतिहासिक विक्ट्री के बाद शोभा डे ने शेयर किया वीडियो]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-shobhaa-de-on-bjps-bengal-victory-win-for-women-40228395.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-shobhaa-de-on-bjps-bengal-victory-win-for-women-40228395.html</guid><pubDate>5 May 2026 03:53:37 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[सुप्रसिद्ध लेखिका शोभा डे ने बंगाल में भाजपा की जीत को महिलाओं और पूरे बंगाल की जीत बताया है। ]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> <span style="background-color: #ffff00;">बंगाल में भाजपा की जबरदस्त जीत पर देश की सुप्रसिद्ध लेखिका, उपन्यासकार, स्तंभकार (columnist) और पूर्व मॉडल शोभा डे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, बंगाल में लोगों ने बदलाव के लिए वोट किया और भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाई है। यह सिर्फ भाजपा की जीत नहीं है, बल्कि यह पूरे बंगाल की जीत है। यहां के महिलाओं की जीत है।</span></p>
<p>उन्होंने आगे ममता बनर्जी की हार पर कहा, उनको बंगाल की महिलाओं ने हार का स्वाद चखाया है। उनको यहां की महिलाओं से कोई लेना देना नहीं था। उनके सम्मान से लेकर सुरक्षा तक एक भी मुद्दा उनके लिए जरूरी नहीं था। इस लापरवाही और गलत शासन का नतीजा उनको देखने को मिला है।</p>
<h2>बंगाल में कमल खिलते ही लोगों में खुशी की लहर : शोभा डे</h2>
<p>बंगाल में कमल के खिलते ही लोगों में खुशी की लहर है। उम्मीद है कि, आने वाले दिनों में भाजपा बंगाल की कमान किसी अच्छे लीडर को देगी; इससे बंगाल में विकास देखने को मिलेगा। इस समय के बाद से अब लोगों को पता है कि, उनकी बात सुनी जाएगी। यहां किसी एक व्यक्ति की सरकार नहीं चलेगी। अब से लोगों की सरकार चलेगी। बता दें कि, शोभा डे भारतीय अंग्रेजी साहित्य और पत्रकारिता जगत में उनके साहसी, बेबाक और अक्सर विवादित लेखन के लिए जाना जाती है।</p>
<p>7 जनवरी 1948 को जन्मी शोभा डे ने अपने करियर की शुरुआत एक मॉडल के रूप में की थी, लेकिन जल्द ही उन्होंने पत्रकारिता की ओर रुख कर लिया। 1970 के दशक में उन्होंने 'स्टारडस्ट', 'सोसाइटी' और 'सेलिब्रिटी' जैसी पत्रिकाओं की शुरुआत और संपादन किया, जिसने भारतीय मनोरंजन पत्रकारिता का स्वरूप बदल दिया।</p>
<p>उन्हें "भारत की जैकी कॉलिन्स" भी कहा जाता है क्योंकि उनके उपन्यासों, जैसे 'सोशलइट इवनिंग्स' (Socialite Evenings) और 'स्टारी नाइट्स' (Starry Nights) में शहरी उच्च वर्ग की जीवनशैली, मानवीय रिश्तों की जटिलताओं का खुलकर चित्रण किया गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;</strong><a href="https://www.jagran.com/politics/national-political-space-may-open-up-for-the-left-in-bengal-40228317.html">ममता की विदाई, वाम को नई उम्मीद: बंगाल की राजनीति में फिर से अपनी जमीन तलाश रहे वाम दल</a></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/shobha-de-cover-1777952827321_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/shobha-de-cover-1777952827321_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA['यह बंगाल की महिलाओं और उनके सम्मान की जीत', भाजपा की ऐतिहासिक विक्ट्री के बाद शोभा डे ने शेयर किया वीडियो]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[लिपुलेख पर फिर 'रार': नेपाल ने लिपुलेख पर अपना दावा दोहराया, भारत से वार्ता की मांग]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-nepal-reiterates-its-claim-on-lipulekh-demands-talks-with-india-40228316.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-nepal-reiterates-its-claim-on-lipulekh-demands-talks-with-india-40228316.html</guid><pubDate>5 May 2026 01:55:03 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[भारत की ओर से सख्ती से खारिज किए जाने के एक दिन बाद नेपाल ने लिपुलेख पर अपना दावा सोमवार को दोहराया और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए भारत के साथ वार्ता की पैरवी की।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;">पीटीआई, काठमांडू। भारत की ओर से सख्ती से खारिज किए जाने के एक दिन बाद नेपाल ने लिपुलेख पर अपना दावा सोमवार को दोहराया और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए भारत के साथ वार्ता की पैरवी की।</p>
<p style="text-align: justify;">भारत ने रविवार को ही लिपुलेख दर्रे के रास्ते होने वाली आगामी कैलास मानसरोवर यात्रा पर नेपाल की आपत्ति को सख्ती से खारिज किया था।</p>
<p style="text-align: justify;">भारत ने क्षेत्र पर नेपाल के दावे को एकतरफा मनमाना विस्तार बताते हुए अस्वीकार्य करार दिया था।</p>
<p style="text-align: justify;">नेपाल के विदेश मंत्रालय रविवार को एक बयान जारी करके लिपुलेख दर्रे के रास्ते कैलास यात्रा के लिए भारत और चीन की तैयारियों पर आपत्ति जताई थी।</p>
<p style="text-align: justify;">इस आपत्ति और क्षेत्र पर उसके दावे को भारत की ओर से खारिज किए जाने के बावजूद नेपाल सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखारेल ने सोमवार को कहा, ''नेपाल का अपनी सीमा बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है; यह क्षेत्र नेपाल का है और सरकार का इस बारे में दृष्टिकोण स्पष्ट है और वह अपने रुख पर कायम है।</p>
<p style="text-align: justify;">इस मुद्दे को दोनों देशों के बीच सहयोग और कूटनीतिक बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक औपचारिक पत्र के जरिये भारत को पहले ही सूचित कर दिया है।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/jagran-897-1777939159530_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/jagran-897-1777939159530_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[लिपुलेख पर फिर 'रार': नेपाल ने लिपुलेख पर अपना दावा दोहराया, भारत से वार्ता की मांग]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[आम आदमी को बड़ी राहत: सरकार ने दिया भरोसा, नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस के दाम]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-government-has-assured-that-it-will-not-increase-the-prices-of-petrol-diesel-and-domestic-lpg-40228312.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-government-has-assured-that-it-will-not-increase-the-prices-of-petrol-diesel-and-domestic-lpg-40228312.html</guid><pubDate>5 May 2026 01:53:58 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलिंडरों की खुदरा कीमतें बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। सरकार ने यह भी बताया कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और रविवार को इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 99 प्रतिशत हो गई।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;">एएनआई, नई दिल्ली। सरकार ने सोमवार को यह भरोसा दिया कि पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद घरेलू एलपीजी और ईंधन की आपूर्ति स्थिर और निर्बाध बनी हुई है।</p>
<h2 style="text-align: justify;"><span>एलपीजी की कोई किल्लत नहीं</span></h2>
<p style="text-align: justify;">पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलिंडरों की खुदरा कीमतें बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। सरकार ने यह भी बताया कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और रविवार को इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 99 प्रतिशत हो गई।</p>
<p style="text-align: justify;">पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि खुदरा आउटलेट पर एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है।</p>
<p style="text-align: justify;">जबकि एलपीजी के लिए ऑइनलाइन बुकिंग अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर है। जबकि ईंधन के मामले में अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें अपरिवर्तित हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">कच्चे तेल का भंडार पर्याप्त रूप से बनाए रखा गया है। जबकि रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता के साथ काम कर रही हैं। साथ ही यह माना कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।</p>
<h2 style="text-align: justify;">एलएनजी के भंडारण टैंक की संख्या बढ़ाने की तैयारी</h2>
<p style="text-align: justify;">प्रेट्र के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ते जोखिमों के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के भंडारण के लिए नए टैंक बनाने की तैयारी में है।</p>
<p style="text-align: justify;">पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/jagran-897-1777938515784_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/jagran-897-1777938515784_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[आम आदमी को बड़ी राहत: सरकार ने दिया भरोसा, नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस के दाम]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[यूपी-बिहार में आंधी-बारिश और वज्रपात का कहर, 44 की मौत; दिल्ली-NCR में आज तूफान का अलर्ट]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-weather-news-updates-44-killed-in-up-and-bihar-due-to-thunderstorm-rain-and-lightning-40228311.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-weather-news-updates-44-killed-in-up-and-bihar-due-to-thunderstorm-rain-and-lightning-40228311.html</guid><pubDate>5 May 2026 01:53:38 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी है। सोमवार को लखनऊ समेत करीब 50 से अधिक जिलों में सुबह साढ़े आठ बजे के आसपास आसमान में काले बादल छा गए और सुबह साढ़े आठ बजे ही अंधेरा छा गया।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;">जागरण टीम, नई दिल्ली। सोमवार को तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। इस कारण हुए हादसों में उत्तर प्रदेश में 24 और बिहार में 20 लोगों की मौत हो गई। बड़ी संख्या में लोग जख्मी हो गए।</p>
<h2 style="text-align: justify;">सब्जियों की फसल को भारी नुकसान</h2>
<p style="text-align: justify;">मौसम के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा। आंधी से बिजली के खंभे गिरने और तार टूटने से सैकड़ों गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। इससे कई जगह सड़कें बाधित रहीं और आम, गेहूं व सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा।</p>
<h2 style="text-align: justify;">लखनऊ समेत करीब 50 से अधिक जिलों में अलर्ट</h2>
<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी है। सोमवार को लखनऊ समेत करीब 50 से अधिक जिलों में सुबह साढ़े आठ बजे के आसपास आसमान में काले बादल छा गए और सुबह साढ़े आठ बजे ही अंधेरा छा गया। गरज-चमक के साथ तेज हवा और बारिश होने लगी। इस दौरान सड़कों पर चलने वाले वाहनों को लाइट जलानी पड़ी।</p>
<p style="text-align: justify;">मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को प्रदेश के पूर्वी से लेकर पश्चिमी हिस्सों तक तेज आंधी, मध्यम से भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। 60 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। 40 से अधिक जिलों में वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है।</p>
<p style="text-align: justify;">बिहार में औरंगाबाद, गया, रोहतास, भोजपुर, वैशाली, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी व बगहा में भारी नुकसान हुआ है। औरंगाबाद जिले में वज्रपात से तीन लोगों की मौत हो गई और पांच ग्रामीण घायल हो गए।</p>
<h2 style="text-align: justify;">पूर्वी चंपारण जिले में पांच की हुई</h2>
<p style="text-align: justify;">गया जिले में व्रजपात से शेरघाटी, टिकारी और कोंच थाना क्षेत्रों में पांच लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक मौत पूर्वी चंपारण जिले में पांच की हुई है। आम-लीची सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है।</p>
<p style="text-align: justify;">कई जगह पोल, तार गिर गए हैं। इससे बिजली गुल है। वहीं, दिल्ली में आज मौसम बदलेगा, मौसम विभाग ने आज आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश की चेतावनी दी है।</p>
<h2 style="text-align: justify;">उप्र के दोनों उप मुख्यमंत्रियों को लेकर आ रहा विमान आंधी-पानी में फंसा, भोपाल भेजा गया</h2>
<p style="text-align: justify;">सोमवार सुबह मौसम खराब होने के कारण दिल्ली से लखनऊ आ रहे उप्र के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य का विमान फंस गया। विमान को भोपाल डायवर्ट किया गया। मौसम ठीक होने के बाद दोपहर 12:27 बजे विमान लखनऊ पहुंच सका।</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा दो अन्य विमान भी हवा में चक्कर काटते रहे। वहीं, दिल्ली में खराब मौसम के कारण दृश्यता कम हो गई। इससे रविवार रात 11 से तड़के तीन बजे तक 15 विमानों को लखनऊ डायवर्ट किया गया। यह विमान एक के बाद एक चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरे। मौसम ठीक होने के बाद विमान दिल्ली रवाना हो गए।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/rain-weather112-1777938304328_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/rain-weather112-1777938304328_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[यूपी-बिहार में आंधी-बारिश और वज्रपात का कहर, 44 की मौत; दिल्ली-NCR में आज तूफान का अलर्ट]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, तमिलनाडु में विजय की विक्ट्री; केरल में UDF को बहुमत]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-bjp-forms-first-government-in-bengal-five-state-election-results-vijay-in-tamil-nadu-udf-in-kerala-40228246.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-bjp-forms-first-government-in-bengal-five-state-election-results-vijay-in-tamil-nadu-udf-in-kerala-40228246.html</guid><pubDate>5 May 2026 01:51:36 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों में बंगाल में भाजपा ने पहली बार सरकार बनाई, जबकि तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनी।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>अरविंद शर्मा, नई दिल्ली।</strong> पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों ने कई स्थापित राजनीतिक समीकरणों को उलट दिया है। बंगाल की राजनीति में बड़ा परिवर्तन हुआ है, जहां ऐतिहासिक जीत के साथ भाजपा की पहली बार सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। पार्टी ने 200 के आंकड़े को भी पार कर लिया और ममता बनर्जी की पार्टी दो अंकों में सिमट गई।</p>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके चमत्कारिक प्रदर्शन करते हुए राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को स्पष्ट बढ़त मिली है, जबकि असम और पुडुचेरी में भाजपा ने अपनी सत्ता बरकरार रखी है।</span></p>
<p style="text-align: justify;">इन चुनावों ने राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा की बढ़ती ताकत, क्षेत्रीय दलों की चुनौतियां और कांग्रेस की सीमित वापसी को स्पष्ट रूप से सामने रखा है। नतीजों ने वाम दलों को पूरी तरह हाशिये पर धकेल दिया है। अब पूरे देश में सत्ता से उनका सफाया हो गया है।</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/05/05/template/image/jagran-897-1777940867753.jpg" alt="jagran 897"></p>
<h3 style="text-align: justify;">बंगाल में 200 के पार भाजपा</h3>
<p style="text-align: justify;">बंगाल में 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने दो सौ का आंकड़ा पार कर अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है। यह राज्य की राजनीति में निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस इस बार सौ के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सकी।</p>
<p style="text-align: justify;">सीमावर्ती, आदिवासी व औद्योगिक क्षेत्रों में भाजपा को व्यापक समर्थन मिला, जबकि तृणमूल कांग्रेस शहरी व कुछ ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित रह गई। चुनाव प्रचार के दौरान ध्रुवीकरण, मतदाता सूची और ईवीएम सुरक्षा जैसे मुद्दों ने माहौल को तनावपूर्ण बनाए रखा।</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि हार के बाद ममता बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। समाचार लिखे जाने तक भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर में ममता बनर्जी से मामूली अंतर से आगे चल रहे थे, वहीं नंदीग्राम से उन्होंने जीत हासिल कर ली थी।</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/05/05/template/image/jagran-897-1777940927038.jpg" alt="jagran 897"></p>
<h3 style="text-align: justify;">तमिलनाडु में विजय की पार्टी को मिली सबसे ज्यादा सीटें</h3>
<p style="text-align: justify;">तमिलनाडु में 234 सीटों के चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे बड़ा उलटफेर किया। बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों के आंकड़े की ओर बढ़ते हुए टीवीके ने द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक द्विध्रुव को तोड़ दिया है।</p>
<p style="text-align: justify;">द्रमुक एवं अन्नाद्रमुक दोनों ही पीछे छूट गए। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सीट तक नहीं बचा सके। विजय की नई छवि, संतुलित बयानबाजी और लोकलुभावन वादों ने मतदाताओं को आकर्षित किया है।</p>
<p style="text-align: justify;">एमजीआर और जयललिता के बाद यह पहला अवसर है जब किसी फिल्मी व्यक्तित्व को इतनी व्यापक राजनीतिक स्वीकृति मिली है</p>
<h3 style="text-align: justify;">केरल में UDF को बहुमत</h3>
<p style="text-align: justify;">केरल में दस वर्षों के बाद सत्ता परिवर्तन के संकेत स्पष्ट हैं। कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने बहुमत की ओर बढ़त बनाई है। यहां लंबे समय से वामपंथी एलडीएफ की राजनीति मजबूत थी, जो इस बार पूरी तरह पिछड़ गया।</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि नतीजे बता रहे हैं कि कांग्रेस को सुकून से सरकार बनाने-चलाने के लिए सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align: justify;">यूडीएफ के बहुमत में आते ही वाम दलों का देश में आखिरी मजबूत गढ़ भी कमजोर हो गया है। यहां यूडीएफ के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हार गए, हालांकि मुख्यमंत्री पी. विजयन जीत गए हैं। हार के बाद उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया।</p>
<h3 style="text-align: justify;">असम में BJP की हैट्रिक</h3>
<p style="text-align: justify;">असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। 126 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी ने सहयोगियों के साथ मिलकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर लिया है।</p>
<p style="text-align: justify;">हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में सरकार ने विकास कार्यों, कल्याणकारी योजनाओं और घुसपैठ के मुद्दे पर निर्णायक काम किया था। इसके सामने कांग्रेस पूरी तरह पिछड़ गई और उसके मुख्यमंत्री पद के दावेदार गौरव गोगोई को भी हार का सामना करना पड़ा। वहीं हिमंत ने छठी बार जीत हासिल की है।</p>
<p style="text-align: justify;">भाजपा ने पूरे चुनाव के दौरान सहयोगी दलों के साथ संतुलन बनाए रखा, जिसका लाभ मिला। पुडुचेरी में भी राजग ने अपना प्रदर्शन दोहराते हुए सत्ता बरकरार रखी।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/news/national-pm-modi-urges-end-to-violence-after-bjp-bengal-victory-assam-and-puducherry-win-40228217.html">'हिंसा के अंतहीन चक्र को हमेशा के लिए खत्म करें', बंगाल में BJP की जीत के बाद बोले पीएम मोदी</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/jagran-897-1777939803728_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/jagran-897-1777939803728_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, तमिलनाडु में विजय की विक्ट्री; केरल में UDF को बहुमत]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[एफआईआर के लिए सीधे हाईकोर्ट का रुख नहीं, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-no-direct-approach-to-high-court-for-fir-supreme-court-big-decision-40228338.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-no-direct-approach-to-high-court-for-fir-supreme-court-big-decision-40228338.html</guid><pubDate>5 May 2026 01:33:04 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[न्याय की तलाश में अक्सर लोग भावुकता और जल्दबाजी में सीधे उच्च न्यायालयों का दरवाजा खटखटाते हैं, विशेषकर जब पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी करे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि न्याय की सीढि़यां लांघी नहीं जा सकतीं।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;">पीटीआई, नई दिल्ली। न्याय की तलाश में अक्सर लोग भावुकता और जल्दबाजी में सीधे उच्च न्यायालयों का दरवाजा खटखटाते हैं, विशेषकर जब पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी करे। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि न्याय की सीढि़यां लांघी नहीं जा सकतीं।</p>
<p style="text-align: justify;">इसने कहा कि यदि पुलिस एफआइआर दर्ज नहीं करती, तो सीधे उच्च न्यायालय जाने के बजाय नागरिक को पहले कानून द्वारा निर्धारित वैकल्पिक कानूनी रास्तों का पालन करना अनिवार्य है।</p>
<p style="text-align: justify;">असाधारण अधिकार क्षेत्र का विवेकपूर्ण उपयोग न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति आगस्टीन जार्ज मसीह की पीठ ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 की व्याख्या करते हुए कहा कि उच्च न्यायालयों के पास रिट जारी करने की शक्ति व्यापक तो है, लेकिन यह 'असाधारण' और 'विवेकाधीन' है।</p>
<p style="text-align: justify;">अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल इसलिए कि किसी अधिकारी ने लापरवाही बरती है, उच्च न्यायालय को सीधे हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। जब तक कि स्थिति अत्यंत गंभीर या आपातकालीन न हो, तब तक कानूनी ढांचे के भीतर उपलब्ध विकल्पों को दरकिनार करना न्यायिक मर्यादा के अनुकूल नहीं है।</p>
<p style="text-align: justify;">बीएनएसएस का क्रमिक ढांचा और कानूनी प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 का हवाला देते हुए एक व्यवस्थित क्रम समझाया। न्यायालय के अनुसार, सबसे पहले धारा 173(1) के तहत थाना प्रभारी को सूचना दी जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align: justify;">यदि एफआइआर दर्ज न हो, तो धारा 173(4) के तहत संबंधित पुलिस अधीक्षक के पास जाना चाहिए। इसके बाद भी समाधान न मिलने पर धारा 175(3) के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष गुहार लगानी चाहिए।</p>
<p style="text-align: justify;">बांबे उच्च न्यायालय के एक आदेश को रद करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने यह संदेश दिया कि जब कानून में प्रभावी और कुशल विकल्प मौजूद हों, तो सीधे 'असाधारण अधिकार क्षेत्र' का सहारा लेना उचित नहीं है। यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया में अनुशासन और वैधानिक उपचारों के महत्व को रेखांकित करता है।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/supreme-court-1-1777944662982_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/supreme-court-1-1777944662982_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[एफआईआर के लिए सीधे हाईकोर्ट का रुख नहीं, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[नाबालिग गर्भावस्था मामला: सुप्रीम कोर्ट ने बंद की अवमानना की फाइल, केंद्र के जवाब से संतुष्ट]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-contempt-proceedings-in-minor-pregnancy-case-closed-40228336.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-contempt-proceedings-in-minor-pregnancy-case-closed-40228336.html</guid><pubDate>5 May 2026 01:15:17 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने एक नाबालिग लड़की की 30 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने से जुड़े मामले में केंद्र और एम्स के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही को सोमवार को बंद कर दिया।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;">पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक नाबालिग लड़की की 30 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने से जुड़े मामले में केंद्र और एम्स के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही को सोमवार को बंद कर दिया।</p>
<p style="text-align: justify;">सर्वोच्च न्यायालय 15 वर्षीय एक नाबालिग की मां की ओर से एम्स और केंद्र के खिलाफ दाखिल उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें लड़की की 30 सप्ताह की गर्भावस्था समाप्त करने के आदेश का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया था।</p>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ को अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सूचित किया कि उसके 24 अप्रैल के आदेश का पालन किया गया है। पीठ ने कहा, ''हमें इस अवमानना याचिका पर आगे विचार करने का कोई कारण नहीं मिलता। इसलिए प्रतिवादियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही बंद की जाती है।''</p>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस नागरत्ना ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि ऐसे निर्देश पारित करना आसान नहीं है, लेकिन अदालत को ऐसे मामलों में निर्णय लेना होता है। उन्होंने कहा कि अगर एम्स इस तरह के मामले में गर्भावस्था को खत्म करने की जिम्मेदारी नहीं लेता तो उसकी जान को खतरा पैदा होगा, क्योंकि वह अयोग्य डॉक्टरों की ओर रुख कर सकती है।</p>
<p style="text-align: justify;">शीर्ष अदालत ने 30 अप्रैल को नाबालिग की गर्भावस्था जारी रखने की एम्स की मांग ठुकराते हुए कहा था कि किसी नाबालिग को गर्भावस्था जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। जबकि कोर्ट ने 24 अप्रैल को नाबालिग को अनचाही गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति दी थी।</p>
<h2 style="text-align: justify;">सशस्त्र बल न्यायाधिकरण में रिक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा केंद्र से जवाब</h2>
<p style="text-align: justify;">सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) में रिक्तियों पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सोमवार को केंद्र सरकार और अन्य से जवाब तलब किया। याचिका में समयबद्ध तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी करने और रिक्त पदों को भरने की मांग की गई है।</p>
<p style="text-align: justify;">प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत एवं जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति व्यक्त की और अटार्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से इस मामले में सहायता करने का अनुरोध किया।</p>
<p style="text-align: justify;">पीठ ने याचिकाकर्ता आ‌र्म्ड फोर्सेज ट्रिब्युनल बार एसोसिएशन (रीजनल बेंच) के वकील से याचिका की एक प्रति अटार्नी जनरल के कार्यालय को भी सौंपने को कहा। इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई दो सप्ताह बाद के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p style="text-align: justify;">याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अगर रिक्तियां नहीं भरी गईं तो वर्ष के अंत तक एएफटी की 11 पीठों में से सिर्फ तीन ही काम कर रही होंगी।</p>
<p style="text-align: justify;">याचिका में एएफटी एक्ट, 2007 की धारा-पांच के अनुसार रिक्तियां भरने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई है। साथ ही मांग की गई है कि न्यायाधिकरण के वर्तमान न्यायिक एवं प्रशासनिक सदस्यों को उनकी सहमति से तब तक पद पर रहने को कहा जाए, जब तक आवश्यक नियुक्तियां नहीं हो जातीं।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/supreme-court-1777943634062_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/supreme-court-1777943634062_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[नाबालिग गर्भावस्था मामला: सुप्रीम कोर्ट ने बंद की अवमानना की फाइल, केंद्र के जवाब से संतुष्ट]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA['गोद लेने संबंधी कार्यवाही पर जिला मजिस्ट्रेट को है निर्णय लेने का अधिकार', बांबे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-bombay-high-court-says-district-magistrate-has-the-power-to-decide-on-adoption-proceedings-40228333.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-bombay-high-court-says-district-magistrate-has-the-power-to-decide-on-adoption-proceedings-40228333.html</guid><pubDate>5 May 2026 01:11:35 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[बांबे हाई कोर्ट ने किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम में संशोधन को उचित ठहराते हुए सोमवार को कहा कि जिला मजिस्ट्रेट को दत्तक ग्रहण या गोद लेने संबंधी कार्यवाही की सुनवाई और निर्णय लेने का अधिकार है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;">पीटीआई, मुंबई। बांबे हाई कोर्ट ने किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम में संशोधन को उचित ठहराते हुए सोमवार को कहा कि जिला मजिस्ट्रेट को दत्तक ग्रहण या गोद लेने संबंधी कार्यवाही की सुनवाई और निर्णय लेने का अधिकार है।</p>
<p style="text-align: justify;">हाई कोर्ट ने किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम में किए गए संशोधन को चुनौती देने वाली दो दंपतियों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिसके तहत गोद लेने का आदेश जारी करने की शक्ति न्यायालयों से जिला मजिस्ट्रेटों (कार्यकारी अधिकारियों) को हस्तांतरित कर दी गई थी।</p>
<p style="text-align: justify;">संशोधन में न्यायालय शब्द को कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट (कार्यकारी अधिकारी) शब्दों से बदला गया है।</p>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की पीठ ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा कानून के प्रविधानों को लागू करने और भावी दत्तक माता-पिता की पात्रता निर्धारित करने में कोई कठिनाई नहीं दिखती है। हमें इसमें कोई संदेह नहीं है कि जिला मजिस्ट्रेट बच्चों के कल्याण में कार्य करने और सहायता करने के लिए पूरी तरह से उपयुक्त हैं और याचिकाकर्ताओं की धारणा गलत है।</p>
<p style="text-align: justify;">यह संशोधन गोद लेने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए किया गया था और इसमें कुछ भी अवैध नहीं है। किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के तहत गोद लेने की प्रक्रिया के लिए वैध आदेश की आवश्यकता होती है।</p>
<p style="text-align: justify;">याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि गोद लेने की मंजूरी देना न्यायिक कार्य है जिसे किसी कार्यकारी प्राधिकरण, जैसे कि जिला मजिस्ट्रेट को नहीं सौंपा जा सकता है, जिसके पास आवश्यक विशेषज्ञता न हो। हाई कोर्ट ने कहा, जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दत्तक ग्रहण प्रक्रिया से निपटने में सक्षम न होने के संबंध में याचिकाकर्ताओं द्वारा व्यक्त की गई आशंका निराधार है।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/court67-1777943436184_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/court67-1777943436184_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA['गोद लेने संबंधी कार्यवाही पर जिला मजिस्ट्रेट को है निर्णय लेने का अधिकार', बांबे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[विधानसभा चुनाव नतीजे: बंगाल-असम-पुडुचेरी में भाजपा का खिला कमल, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में विजय की आंधी]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-assembly-election-2026-results-bjp-wins-in-bengal-assam-puducherry-congress-sweeps-kerala-and-vijay-tvk-in-tamil-nadu-40228156.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-assembly-election-2026-results-bjp-wins-in-bengal-assam-puducherry-congress-sweeps-kerala-and-vijay-tvk-in-tamil-nadu-40228156.html</guid><pubDate>4 May 2026 21:22:45 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की, तमिलनाडु में विजय की पार्टी ने उलटफेर किया।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>अरविंद शर्मा, नई दिल्ली।</strong> पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों ने कई स्थापित राजनीतिक समीकरणों को उलट दिया है। बंगाल की राजनीति में बड़ा परिवर्तन हो गया, जहां भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पहली बार सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। पार्टी ने 200 के आंकड़े को भी पार कर लिया और ममता बनर्जी की पार्टी दो अंकों में सिमट गई।</p>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">वहीं तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय ने चमत्कारिक प्रदर्शन करते हुए सत्ता पर कब्जा जमाया है। केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ को स्पष्ट बढ़त मिली है, जबकि असम और पुडुचेरी में भाजपा ने अपनी सत्ता बरकरार रखी है।</span></p>
<p style="text-align: justify;">इन चुनावों ने राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा की बढ़ती ताकत, क्षेत्रीय दलों की चुनौतियां और कांग्रेस की सीमित वापसी को स्पष्ट रूप से सामने रखा है। नतीजों ने वाम दलों को पूरी तरह हाशिये पर धकेल दिया है। अब पूरे देश से उनका सफाया हो गया है।</p>
<h3 style="text-align: justify;">बंगाल में BJP ने किया 200 का आंकड़ा पार</h3>
<p style="text-align: justify;">बंगाल में 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने दो सौ का आंकड़ा पार कर अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है। यह राज्य की राजनीति में निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। लंबे समय से सत्ता में बनी तृणमूल कांग्रेस इस बार सौ के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सकी।</p>
<p style="text-align: justify;">सीमावर्ती, आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में भाजपा को व्यापक समर्थन मिला, जबकि तृणमूल शहरी और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित रह गई। चुनाव प्रचार के दौरान ध्रुवीकरण, मतदाता सूची और ईवीएम सुरक्षा जैसे मुद्दों ने माहौल को तनावपूर्ण बनाए रखा। हालांकि हार के बाद ममता बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।</p>
<h3 style="text-align: justify;">तमिलनाडु में TVK ने किया बड़ा उलटफेर</h3>
<p style="text-align: justify;">तमिलनाडु में 234 सीटों के चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे बड़ा उलटफेर किया। बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों के आंकड़े की ओर बढ़ते हुए टीवीके ने द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक द्विध्रुव को तोड़ दिया है।</p>
<p style="text-align: justify;">डीएमके एवं एआईएडीएमके दोनों ही पीछे छूट गए। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सीट तक नहीं बचा सके। विजय की नई छवि, संतुलित बयानबाजी और लोकलुभावन वादों ने मतदाताओं को आकर्षित किया है। एमजीआर के बाद यह पहला अवसर है जब किसी फिल्मी व्यक्तित्व को इतनी व्यापक राजनीतिक स्वीकृति मिली है।</p>
<p style="text-align: justify;">केरल में दस वर्षों के बाद सत्ता परिवर्तन के संकेत स्पष्ट हैं। कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने बहुमत की ओर बढ़त बनाई है। यहां लंबे समय से वामपंथी एलडीएफ की राजनीति मजबूत थी, जो इस बार पूरी तरह पिछड़ गया।</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि नतीजे बता रहे हैं कि कांग्रेस को सुकून से सरकार बनाने-चलाने के लिए सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ेगा। यूडीएफ के बहुमत में आते ही वाम दलों का देश में आखिरी मजबूत गढ़ भी कमजोर पड़ गया है।</p>
<h3 style="text-align: justify;">असम में BJP की हैट्रिक</h3>
<p style="text-align: justify;">असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। 126 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी ने सहयोगियों के साथ मिलकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर लिया है।</p>
<p style="text-align: justify;">हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में सरकार ने विकास कार्यों, कल्याणकारी योजनाओं और घुसपैठ के मुद्दे पर निर्णायक काम किया था, जिसके सामने कांग्रेस पूरी तरह पिछड़ गई और उसके प्रमुख नेता गौरव गोगोई को भी हार का सामना करना पड़ा।</p>
<h3 style="text-align: justify;">पुडुचेरी में भी जीती भाजपा</h3>
<p style="text-align: justify;">भाजपा ने पूरे चुनाव के दौरान सहयोगी दलों के साथ संतुलन बनाए रखा, जिसका लाभ मिला।पुडुचेरी में भी राजग ने अपना प्रदर्शन दोहराते हुए सत्ता बरकरार रखी।</p>
<h3 style="text-align: justify;">बंगाल में TMC की हार के प्रमुख कारण</h3>
<ul style="text-align: justify;">
<li>तीन बार की सत्ता विरोधी लहर</li>
<li>तृणमूल के प्रति व्यापक जन-आक्रोश-भ्रष्टाचार</li>
<li>ध्रुवीकरण व चुनावी हिंसा के आरोपों से नकारात्मक माहौल</li>
</ul>
<h3 style="text-align: justify;">तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन की हार के कारण</h3>
<ul style="text-align: justify;">
<li>डीएमके के शीर्ष नेताओं का सनातन विरोधी अनर्गल प्रलाप</li>
<li>विजय की आक्रामक राजनीति से एंटी-इन्कम्बेंसी वोट बंटा</li>
</ul>
<h3 style="text-align: justify;">केरल में एलडीएफ-वाम मोर्चा की हार के कारण</h3>
<ul style="text-align: justify;">
<li>एलडीएफ के लगातार दो कार्यकाल के बाद तीव्र एंटी-इन्कम्बेंसी</li>
<li>कांग्रेस-नीत यूडीएफ की बेहतर एकजुटता और रणनीतिक वोटिंग</li>
</ul>
<h3 style="text-align: justify;">असम में कांग्रेस की हार के कारण</h3>
<ul style="text-align: justify;">
<li>भाजपा की मजबूत गठबंधन रणनीति और घुसपैठ</li>
<li>विकास मुद्दे-कांग्रेस नेतृत्व का संगठनात्मक बिखराव,</li>
<li>कई नेताओं ने दल छोड़े</li>
</ul>
<h3 style="text-align: justify;">पुडुचेरी में कांग्रेस गठबंधन की हार के कारण</h3>
<p style="text-align: justify;">एनडीए का बेहतर चुनावी समन्वय और मजबूत रणनीति</p>
<p style="text-align: justify;">विपक्षी गठबंधन में आंतरिक गुटबाजी और नेतृत्व में अस्थिरता</p>
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<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">एम.के. स्टालिन को&nbsp;तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के उम्मीदवार वी.एस. बाबू ने 8,795 वोटों के अंतर से पराजित किया। चुनाव आयोग के 22वें राउंड की गिनती के अनुसार, बाबू को 82,997 वोट मिले, जबकि स्टालिन 74,202 वोटों पर सिमट गए।</span></p>
<h3 style="text-align: justify;">कौन हैं वी.एस. बाबू?</h3>
<p style="text-align: justify;">वी.एस. बाबू का राजनीतिक सफर DMK से शुरू हुआ था। वह पार्टी में जमीनी स्तर के कार्यकर्ता के रूप में जुड़े और धीरे-धीरे नॉर्थ चेन्नई के जिला सचिव तक पहुंचे।</p>
<p style="text-align: justify;">2006 में उन्होंने पुरासावक्कम सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा में प्रवेश किया और चेन्नई की राजनीति में अपनी पहचान मजबूत की।</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, समय के साथ DMK में आंतरिक बदलाव और वरिष्ठ नेताओं के उभार के चलते बाबू की भूमिका कमजोर होती गई। उन्हें महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया गया, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी। बाद में उनका AIADMK से भी संक्षिप्त जुड़ाव रहा।</p>
<h3 style="text-align: justify;">TVK से जुड़कर बदली किस्मत</h3>
<p style="text-align: justify;">फरवरी 2026 में बाबू ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी TVK का दामन थामा। पार्टी ने उन्हें हाई-प्रोफाइल कोलाथुर सीट से उम्मीदवार बनाया, जहां उनका मुकाबला सीधे मुख्यमंत्री स्टालिन से था।</p>
<p style="text-align: justify;">कोलाथुर सीट 2008 में परिसीमन के बाद से स्टालिन का मजबूत गढ़ रही है। पहली बार इस सीट से हारकर स्टालिन का लंबा दबदबा खत्म हुआ।</p>
<p style="text-align: justify;">वी.एस. बाबू की जीत को इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। नतीजे के बाद उन्होंने लोयोला कॉलेज काउंटिंग सेंटर से अपना विजयी प्रमाणपत्र लिया, जहां TVK कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया।</p>
<h3 style="text-align: justify;">तमिलनाडु में TVK का उभार</h3>
<p style="text-align: justify;">तमिलनाडु में TVK का यह पहला बड़ा चुनावी प्रदर्शन है और पार्टी ने जोरदार एंट्री की है। रुझानों के मुताबिक, TVK 14 सीटें जीत चुकी है और 94 पर बढ़त बनाए हुए है।</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं DMK 7 सीटों पर जीत और 53 पर बढ़त के साथ पीछे नजर आ रही है। AIADMK गठबंधन 2 सीटों पर जीत और 43 पर बढ़त में है, जबकि कांग्रेस 1 सीट जीतकर 4 पर आगे है।</p>
<p style="text-align: justify;">कोलाथुर में स्टालिन की हार DMK के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। यह नतीजा न सिर्फ पार्टी नेतृत्व के लिए प्रतीकात्मक हार है, बल्कि राज्य की राजनीति में एक नए विकल्प के रूप में TVK के उभरने का संकेत भी देता है।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/news/national-vijay-victory-in-tamil-nadu-11-promises-that-changed-assembly-election-game-how-thalapathy-made-tvk-real-king-40227585.html">तमिलनाडु में विजय की विक्ट्री: 11 वादे और बदल गया गेम, कैसे थलापति ने TVK को बनाया असली किंग</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/Tamil-Nadu-(5)-1777920306436_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/05/05/article/image/Tamil-Nadu-(5)-1777920306436_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[कौन हैं TVK के वीएस बाबू, जिन्होंने स्टालिन को हराया? कोलाथुर में बने 'किंग']]></media:title></media:content></item></channel></rss>







