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<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title><![CDATA[Jagran.com Hindi News - news : national]]></title><link>http://www.jagran.com/news/ : national-news-hindi.html</link><description><![CDATA[Jagran.com Hindi News]]></description><language>hi</language><generator>Jagran</generator><image><url>http://www.jagran.com/Resources/jagran/images/Jagran_logo.gif</url><title>Jagran</title><link>http://www.jagran.com</link></image><item><title><![CDATA[NEET Exam Guidelines: पगड़ी-हिजाब पर नहीं रोक, स्मार्टवॉच और मोबाइल बैन; नीट परीक्षा की पूरी गाइडलाइंस
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-neet-exam-guidelines-no-ban-on-turban-or-hijab-smartwatches-and-mobile-phones-prohibited-20-and-21-june-medical-college-open-40278700.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-neet-exam-guidelines-no-ban-on-turban-or-hijab-smartwatches-and-mobile-phones-prohibited-20-and-21-june-medical-college-open-40278700.html</guid><pubDate>19 Jun 2026 18:13:22 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[नीट-यूजी की 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए एनटीए और एनएमसी ने कड़े कदम उठाए हैं।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली।</strong> पेपर लीक मामले में घिरी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और केंद्र सरकार 21 जून को दोबारा होने वाली नीट-यूजी परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी का कोई मौका छोड़ते नहीं दिख रही है। इस बीच नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने भी एक कड़ा कदम उठाया है।</p>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">नीट-यूजी की 21 जून को होने वाली परीक्षा को देखते हुए कमीशन ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।</span> साथ ही मेडिकल कॉलेजों को 20 व 21 जून को खोलने और यूजी और पीजी के छात्रों की छुट्टियों को रद करने के निर्देश दिए हैं। बहुत विशेष परिस्थिति में ही किसी को छुट्टी मिलेगी।</p>
<p style="text-align: justify;">एनएमसी ने गुरुवार को एक नोटिस जारी कर सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन और प्राचार्यों को परीक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही परीक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल का भी सख्ती से पालन कराने में सहयोग करने को कहा है।</p>
<p style="text-align: justify;">राज्य सरकारों से भी इसका पालन कराने के निर्देश दिए हैं। एनएमसी ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब नीट-यूजी की पिछली परीक्षाओं में मेडिकल छात्रों का दूसरे छात्रों की जगह परीक्षा देने के कई मामले सामने आए थे।</p>
<p style="text-align: justify;">माना जा रहा है कि इस पहल से छात्र किसी दूसरे की जगह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। एनएमसी ने इस दौरान जारी किए गए दिशा- निर्देश में मेडिकल कॉलेजों के कहा है कि किसी भी छात्र को 20 व 21 जून को सिर्फ अपरिहार्य कारणों के चलते ही उपस्थिति से छूट दी जा सकती है। हालांकि छुट्टी के कारणों की विस्तृत जानकारी उन्हें देना अनिवार्य होगा।</p>
<h3 style="text-align: justify;">पगड़ी, हिजाब या धार्मिक प्रतीक से जुड़ी चीजों पर रोक नहींः एनटीए</h3>
<p style="text-align: justify;">छात्रों से परीक्षा केंद्रों पर जल्द पहुंचकर जांच में सहयोग की अपील की, छात्रों से हल्के रंग व आधी बांह के कपड़े, चप्पल या कम हील की सैंडल पहनने की सलाह दी गई है।</p>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">नीट-यूजी में 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा को लेकर एनटीए ने छात्रों के लिए एक ड्रेस कोड जारी किया है, जिसमें पगड़ी, मंगलसूत्र, हिजाब या धार्मिक प्रतीक और सिंदूर जैसी चीजों को पहनने पर कोई रोक नहीं है।</span> ऐसे छात्रों से परीक्षा केंद्रों पर तय समय से पहले पहुंचकर जांच करवाने का अनुरोध किया है।</p>
<p style="text-align: justify;">एनटीए ने इसके साथ ही छात्रों को परीक्षा के लिए ड्रेस कोड जारी किया है, उसका पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। छात्रों को हल्के रंग व आधी बाजु के कपड़े, चप्पल या कम हील के सैंडल पहनकर आने की सलाह दी है।</p>
<p style="text-align: justify;">एनटीए से जुडे अधिकारियों के मुताबिक सभी परीक्षा केंद्रों के गेट पर जांच में तैनात अधिकारियों व कर्मियों को ड्रेस कोड की पूरी सूची भेज दी गई है, ताकि इसे लेकर किसी तरह की भ्रम न रहें।</p>
<p style="text-align: justify;">इसके साथ ही बड़े साइज के बेल्ट, भारी आभूषण, ऊंची हील के सैंडल, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच और मोबाइल की भी अनुमति नहीं है।</p>
<p style="text-align: justify;">परीक्षा केंद्र के भीतर सभी छात्रों को अनिवार्य सुरक्षा जांच के बाद की जाने की अनुमति होगी। परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की जांच दो स्तर पर होगी।</p>
<p style="text-align: justify;">पहली जांच प्रवेश पत्र और पहचान पत्र के आधार पर होगी। दूसरी बायोमैट्रिक जांच होगी। इन जांचों के दौरान सीसीटीवी से लाइव मानीटिरिंग भी होगी। इस दौरान एनटीए मुख्यालय के साथ ही जिला व राज्य की पुलिस भी नजर रखेगी।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/news/national-nta-releases-whatsapp-number-for-neet-ug-exam-get-all-information-on-mail-and-official-website-40278632.html">NEET-UG परीक्षा के लिए एनटीए ने जारी किया WhatsApp नंबर, मिलेगी एग्जाम से जुड़ी सभी जानकारी</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/NEET-(10)-1781892789583_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/NEET-(10)-1781892789583_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[NEET Exam Guidelines: पगड़ी-हिजाब पर नहीं रोक, स्मार्टवॉच और मोबाइल बैन; नीट परीक्षा की पूरी गाइडलाइंस
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA['राहुल गांधी को पीएम बनाने की चर्चा फिजूल', भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कसा तंज
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-bjp-slams-rahul-gandhi-on-birthday-dismisses-pm-bid-40278776.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-bjp-slams-rahul-gandhi-on-birthday-dismisses-pm-bid-40278776.html</guid><pubDate>19 Jun 2026 18:05:04 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[भाजपा ने राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन पर उन पर निशाना साधते हुए उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना को खारिज किया। ]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 56 वीं जन्मतिथि पर भाजपा ने उन पर फब्ती कसी है। कहा, राहुल गांधी को भविष्य के प्रधानमंत्री के रूप में पेश किए जाने की कोशिश पर कहा कि नेहरू-गांधी परिवार की विरासत वाली बात बहुत पुरानी हो चुकी है, उसे अब भूल जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align: justify;">यह बात भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस में कही है। त्रिवेदी ने कहा, राहुल गांधी की छवि सुधारने की कोशिश कई बार हुई लेकिन जन समर्थन हासिल करने के सारे प्रयास विफल रहे।</p>
<p style="text-align: justify;">सार्वजनिक जीवन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी जमीन पर गंभीरता से कार्य करने और चुनौतियों का सामना करने की जगह ओछी और शरारतपूर्ण हरकतों में लगे हुए हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">प्रवक्ता ने कहा, कांग्रेस में राजीव गांधी के बाद नेहरू-गांधी परिवार का कोई भी सदस्य प्रधानमंत्री नहीं बना, वह 37 वर्ष पुरानी बात हो गई है।</p>
<p style="text-align: justify;">इसलिए अब राहुल गांधी को लेकर कोई संभावना जताना उचित नहीं है। कांग्रेस का यह दावा कि मोदी सरकार एक वर्ष में गिरने वाली है, हास्यास्पद है।</p>
<p style="text-align: justify;">युवक कांग्रेस द्वारा राहुल गांधी की जन्मतिथि पर उनकी तुलना महर्षि परशुराम से करने पर तीखी आपत्ति जताते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा, यह लोगों के विवेक पर छोड़ देना चाहिए कि वे राहुल गांधी को क्या मानते हैं और किस तरह से स्वीकार करते हैं। महापुरुषों का नाम लेकर अनावश्यक विवाद की स्थिति नहीं बनानी चाहिए।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)</strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/Rahul-Gandhi-(21)-1781892277396_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/Rahul-Gandhi-(21)-1781892277396_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA['राहुल गांधी को पीएम बनाने की चर्चा फिजूल', भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कसा तंज
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[पैदल चलने वालों के अधिकार: फुटपाथ पर गाड़ी चलना कानून का उल्लंघन, सुप्रीम कोर्ट ने किया शहर से गांव-कस्बों तक का जिक्र
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-pedestrians-rights-driving-on-footpath-is-violation-of-law-supreme-court-highlights-issue-across-cities-villages-and-towns-40278708.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-pedestrians-rights-driving-on-footpath-is-violation-of-law-supreme-court-highlights-issue-across-cities-villages-and-towns-40278708.html</guid><pubDate>19 Jun 2026 18:00:00 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने चिह्नित फुटपाथों पर सुरक्षित चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया है। यह अधिकार प्राथमिकता से देखा जाएगा और इसके उल्लंघन पर मुआवजे का दावा किया जा सकता है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>माला दीक्षित, नई दिल्ली।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने चिह्नित फुटपाथ पर सुरक्षित चलने के मौलिक अधिकार को मान्यता दी है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को दिए एक अहम फैसले में कहा कि सुरक्षित व सीमांकित फुटपाथों पर पैदल चलने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और इसे वाहनों की आवाजाही पर प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<p style="text-align: justify;">शीर्ष अदालत ने कहा कि सड़क पर यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि पैदल चलने वालों के लिए निर्धारित स्थान पर और अच्छी तरह से बने हुए फुटपाथ हों।</p>
<p style="text-align: justify;">फुटपाथ बनाने और उसे अच्छी स्थिति में रखने की जिम्मेदारी शहरी विकास प्राधिकरण, नगर निगम, नगर पालिकाओं और पंचायतों की है। उन्हें फुटपाथ और पैदल चलने वालों के लिए जरूरी अन्य बुनियादी ढांचा तय करने, बनाने व उसकी देखभाल करने, उन्हें सुरक्षित रखने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि पैदल चलना जीवन का एक अहम हिस्सा है।</p>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">साथ ही निर्धारित फुटपाथ पर चलने के मौलिक अधिकार को बेहतर और प्रभावी बनाने के लिए इस संबंध में एक नियामक निकाय बनाने पर जोर दिया।</span></p>
<p style="text-align: justify;">जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की पीठ ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले एक स्कूल जा रहे पांच वर्षीय बच्चे की मौत का मुआवजा बढ़ाते हुए यह निर्देश दिया।</p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने कहा कि पैदल चलने का अधिकार संविधान के भाग-तीन के तहत एक मौलिक अधिकार है। यह अनुच्छेद 19(1)(डी) के साथ-साथ अनुच्छेद 19 (1)(ए), 19(1)(बी), 19(1)(सी) और अनुच्छेद-21 में दिए गए घूमने-फिरने यानी आवागमन के अधिकार का एक अहम हिस्सा है।</p>
<p style="text-align: justify;">पैदल चलने के अधिकार में निर्धारित फुटपाथ पर चलने का अधिकार भी शामिल है और इसे मोटर वाहनों की आवाजाही पर प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<h3 style="text-align: justify;">इस अधिकार के उल्लंघन पर भरपाई का दावा करने का अधिकार</h3>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने कहा कि निर्धारित फुटपाथ पर चलने के मौलिक अधिकार के उल्लंघन पर नुकसान की भरपाई का दावा करने का अधिकार है। यह अधिकार उस दावे से अलग है जो कोई व्यक्ति मोटर वाहन अधिनियम के तहत कर सकता है।</p>
<p style="text-align: justify;">शीर्ष अदालत ने कहा कि सार्वजनिक कर्तव्यों को लागू करने के लिए संविधान या विशिष्ट राहत अधिनियम, 1963 की धारा 38-40 के तहत भरपाई के उपाय शहरी विकास प्राधिकरणों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं या पंचायतों के विरुद्ध लागू किए जा सकते हैं। यानी इनसे भरपाई की मांग की जा सकती है।</p>
<h3 style="text-align: justify;">फुटपाथ पर चलने के अधिकार के लिए कानून जरूरी</h3>
<p style="text-align: justify;">पीठ ने कहा कि जहां तक निर्धारित फुटपाथ पर चलने के अधिकार की बात है तो यह अनुच्छेद 21 और 19(1)(डी) का अहम हिस्सा है, लेकिन इसके लिए कोई कानून नहीं है। सिर्फ इस अधिकार को घोषित करने के लिए ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने वालों की पहचान करने के लिए भी एक कानूनी ढांचा बनाना जरूरी है।</p>
<p style="text-align: justify;">इस कानून को अधिकारों की रक्षा और उन्हें बेहतर बनाने के साथ-साथ उल्लंघन की स्थिति में तुरंत उपाय भी उपलब्ध कराने चाहिए। साथ ही इस अहम अधिकार की योजना बनाने, उसे लागू करने और अमल में लाने के लिए एक पूर्णकालिक नियामक भी बनाना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align: justify;">संबंधित मंत्रालयों को भेजें आदेश की प्रति</h3>
<p style="text-align: justify;">पीठ ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि इस फैसले की प्रति आवास एवं शहरी विकास मामलों, ग्रामीण विकास, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजें, ताकि वे जरूरी कानूनी ढांचा बनाने की अहम जरूरत पर विचार कर सकें।</p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने कहा कि फैसले की एक प्रति विधि आयोग को भी भेजी जाए, ताकि वे अधिकार की रक्षा व उपायों के प्रविधान के लिए कानूनी ढांचे की जांच कर सकें।</p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक अदालतों का भी यह कर्तव्य है कि वे इस मौलिक अधिकार के अस्तित्व को स्पष्ट रूप से घोषित करें और सुनिश्चित करें कि मौजूदा नागरिक व संवैधानिक उपाय सुलभ और प्रभावी हों।</p>
<h3 style="text-align: justify;">मोटर वाहन अधिनियम फुटपाथ के अधिकार का कानून नहीं</h3>
<p style="text-align: justify;">पीठ ने स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 फुटपाथ पर चलने के अधिकार की सुरक्षा के लिए बनाया गया कानून नहीं है। इसके प्रविधान न तो निर्धारित फुटपाथ पर चलने के मौलिक अधिकार को मान्यता देते हैं और न ही मोटर वाली सड़क के मुकाबले फुटपाथ के अधिकार को प्राथमिकता देते हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">अफसोस की बात है कि आज भी मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत संसद ने मोटर ट्रांसपोर्ट के लिए कोई पूर्णकालिक नियामक संस्था नहीं बनाई। अध्याय-पांच के तहत बताई गई ट्रांसपोर्ट अथारिटीज, नियामक संस्थाएं नहीं हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">पीठ ने कहा कि यह अदालत लंबे समय से मोटर वाहन अधिनियम के अलग-अलग हिस्सों में पैदल चलने वालों के अधिकारों को शामिल करने की कोशिश कर रही है और 2012 से जारी अपने निर्देशों के कार्यान्यवयन की निगरानी के जरिये यह कोशिश अभी भी जारी है।</p>
<h3 style="text-align: justify;">वाहनों पर ध्यान केंद्रित कर डिजाइन किए शहर व कस्बे</h3>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने पाया कि भारतीय शहरों और कस्बों को लंबे समय से वाहनों पर अत्याधिक ध्यान केंद्रित करते हुए डिजाइन किया गया है, जिससे पदयात्री असुरक्षित और हाशिए पर रह जाते हैं। पैदल चलने के लिए सुरक्षित व आरामदायक रास्तों का अभाव, और यहां तक कि जहां वे मौजूद हैं, वहां मोटर परिवहन के प्रभुत्व के कारण, यह एक सभ्यतागत समस्या रही है।</p>
<p style="text-align: justify;">शीर्ष अदालत ने इंगित किया कि कैसे शहरी नियोजन ने धीरे-धीरे मानव आवागमन की तुलना में मोटर चालित परिवहन को प्राथमिकता दी। कोर्ट ने कहा कि यह बेहद विचित्र है कि हम 'पैदल चलने के अधिकार' को मान्यता देने और उसे सुरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करने में विफल रहे।</p>
<p style="text-align: justify;">इसका कारण शायद यह था कि पहियों ने हमारी कल्पना को धूमिल कर दिया था और हमारा नगर प्रशासन मोटर वाहनों के लिए उपयुक्त सड़कें बनाने में व्यस्त था।</p>
<p style="text-align: justify;">यह अभिजात्यवाद की भावना से भी प्रेरित हो सकता है, क्योंकि पहिए वाली मशीनें केवल अमीरों के लिए थीं। लेकिन जैसे-जैसे अर्थव्यवस्थाओं का विकास हुआ और सस्ते मोटर वाहन बाजार में आए, मोटर चालित परिवहन के सभी साधनों ने सड़कों पर अपना दबदबा बना लिया।</p>
<p style="text-align: justify;">पैदल चलने वालों को इस हद तक दरकिनार कर दिया गया कि उन्हें चालकों के लिए एक परेशानी माना जाने लगा, जो नियमित रूप से पैदल चलने वालों और उनके फुटपाथों को कुचल देते हैं। कोर्ट ने कहा कि यह दृष्टिकोण अब जारी नहीं रह सकता।</p>
<h3 style="text-align: justify;">'यह फुटपाथ हमारा है' अभियान चलाता रहा है दैनिक जागरण</h3>
<p style="text-align: justify;">आम नागरिकों के लिए फुटपाथ को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए दैनिक जागरण लंबे समय से अभियान चला रहा है। देश के प्रमुख शहरों में समय-समय पर 'फुटपाथ हमारा है' नाम से चलाए गए अभियान से कई स्थानों पर फुटपाथ खाली कराने में सफलता भी मिली है।</p>
<p style="text-align: justify;">अब समय आ गया है कि लोगों की सुविधा के लिए शासन-प्रशासन को पूरी गंभीरता से इस मामले को देखना होगा और आम लोगों को यह मौलिक अधिकार देना होगा ताकि वे सड़क पर सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से आवागमन कर सकें।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/news/national-indian-government-prepare-blueprint-in-consultation-with-supreme-court-and-high-courts-amit-shah-says-no-delays-in-securing-justice-40278654.html">'न्याय मिलने में नहीं होगी तैयारी, मामलों का जल्दी होगा निपटारा', अमित शाह ने बताया- SC और HC के साथ तैयार हो रहा ब्लूप्रिंट</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/Footpath-1781889678369_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/Footpath-1781889678369_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[पैदल चलने वालों के अधिकार: फुटपाथ पर गाड़ी चलना कानून का उल्लंघन, सुप्रीम कोर्ट ने किया शहर से गांव-कस्बों तक का जिक्र
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA['फुटपाथ बनाने में कितना समय लगता है?' सुप्रीम कोर्ट ने नगरपालिकाओं को लगाई फटकार
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-how-long-does-it-take-time-to-build-footpath-supreme-court-reprimands-municipalities-on-fundamental-right-for-citizens-40278766.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-how-long-does-it-take-time-to-build-footpath-supreme-court-reprimands-municipalities-on-fundamental-right-for-citizens-40278766.html</guid><pubDate>19 Jun 2026 17:56:07 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने चिह्नित फुटपाथों पर सुरक्षित चलने को मौलिक अधिकार माना है और कहा कि यह नगरपालिकाओं का न्यूनतम कर्तव्य है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने चिह्नित फुटपाथ पर सुरक्षित चलने के मौलिक अधिकार को मान्यता दी है। इसके साथ ही कहा कि ये सोचना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है कि एक चौड़ा, साफ तौर पर चिह्नित और बिना रुकावट वाला फुटपाथ हमारे शहरों व कस्बों की सुंदरता और वहां समान पहुंच को कैसे बदल सकता है।</p>
<p style="text-align: justify;">यह सचमुच हमारे शहरी व ग्रामीण जीवन को बदलने वाला साबित हो सकता है। असल में, जहां भी सड़क है, वहां एक साफ तौर पर चिह्नित फुटपाथ बनाने में कितना समय या संसाधन लगता है?</p>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">पैदल चलने के मौलिक अधिकार के लिए बस इतनी ही जरूरत है कि आसानी से और बेफिक्री से चलने के लिए एक आरामदायक जगह हो।</span> कोर्ट ने सवाल किया कि क्या यह नगरपालिका का नागरिकों के प्रति न्यूनतम फर्ज नहीं होना चाहिए?</p>
<h3 style="text-align: justify;">पैदल चलने की गहरी सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक जड़ें</h3>
<p style="text-align: justify;">शीर्ष अदालत ने कहा कि पैदल चलने की क्रिया ने हमेशा भारतीयों की कल्पनाशीलता को प्रेरित किया है। इसकी गहरी सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और सुधारवादी जड़ें हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">पैदल चलना कम भाग्यशाली लोगों के लिए एक संघर्ष है, कई लोगों के लिए गतिमान अवस्था में ध्यान है, दूसरों के लिए प्रतिरोध है, जिज्ञासुओं के लिए खोज है और तेज सामाजिक-राजनीतिक सोच वाले लोगों के लिए एकजुट करने वाली रणनीति है।</p>
<p style="text-align: justify;">इसने निश्चित रूप से स्वतंत्रता संग्राम के कुछ आदर्शों को प्रेरित और प्रज्वलित किया, जिनका सम्मान करना और उन्हें संजोना हमारा कर्तव्य है, जैसा संविधान के अनुच्छेद 51-ए में कहा गया है।</p>
<p style="text-align: justify;">इस अर्थ में, पैदल चलना केवल गति नहीं है, यह निश्चित रूप से अनुच्छेद 19(1)(ए), अनुच्छेद 19(1)(बी) और अनुच्छेद 19(1)(सी) के तहत अभिव्यक्ति, सभा और संगठन बनाने के अधिकारों को भी समाहित करता है।</p>
<p style="text-align: justify;">दुर्भाग्य से, हम इन पहलुओं को पहचानने में इस हद तक विफल रहे हैं कि 'पैदल यात्री' शब्द का अर्थ अब नकारात्मक या हीनतापूर्ण हो गया है।</p>
<p style="text-align: justify;">हम उचित प्रतिबंधों के अधीन पैदल चलने की स्वतंत्रता पर जोर देने का प्रयास करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच का वितरण इस तरह से हो कि यह केवल मोटर-वाहन वाले वर्ग की ही बपौती बनकर न रह जाए।</p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने कहा कि भले ही इसमें देर हो गई हो, लेकिन हमें अपने नागरिकों के लिए तय किए गए फुटपाथ पर चलने के मौलिक अधिकार को पक्का और सुरक्षित करना चाहिए।</p>
<p style="text-align: justify;">ऐसे अधिकार को साफ तौर पर बताना और घोषित करना जरूरी है ताकि फुटपाथ बनाने और उनकी देखभाल करने की संबंधित जिम्मेदारी को समझा जा सके। यह जिम्मेदारी शहरी विकास प्राधिकरणों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं और यहां तक कि पंचायतों की है।</p>
<h3 style="text-align: justify;">मोटर वाहन अधिनियम, वाहनों पर आधारित</h3>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 फुटपाथ पर चलने के अधिकार की सुरक्षा के लिए बनाया गया कानून नहीं है। इससे पहले का कानून, मोटर वाहन अधिनियम, 1939 मुख्य रूप से वाणिज्यिक परिवहन को मानकीकृत करने और रजिस्ट्रेशन, लाइसेंसिंग और परमिट के जरिये राजस्व अर्जित करने वाला सिस्टम बनाने के मकसद से बनाया गया था।</p>
<p style="text-align: justify;">इसके बाद आया मौजूदा 1988 का अधिनियम भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाता है। मोटर वाहन अधिनियम कानून के विषय के तौर पर 'वाहन' पर आधारित है, जबकि 'इंसानी' हित इसमें गौण हैं। मोटर वाहन को बस इतना ध्यान रखना है कि वह इन हितों का उल्लंघन न करे।</p>
<h3 style="text-align: justify;">2017 के नियम सिर्फ दिशा-निर्देश</h3>
<p style="text-align: justify;">वर्ष 2017 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 22 जून, 2017 को मोटर वाहन (ड्राइविंग) नियमों, 2017 को अधिसूचित किया था, जिसमें 'रोड यूजर' (सड़क इस्तेमाल करने वाले) की परिभाषा में सड़क पर गाड़ी चलाने या यात्रा करने वाले व्यक्ति (चाहे गाड़ी में हो या किसी और तरह से) और पैदल चलने वाले व्यक्ति को शामिल किया गया है।</p>
<p style="text-align: justify;">नियम-तीन में सड़क इस्तेमाल करने वालों और आम जनता के प्रति वाहन की जिम्मेदारी के बारे में बताया गया है। नियम-पांच में ड्राइवरों पर यह जिम्मेदारी डाली गई है कि वे पैदल चलने वालों, साइकिल चलाने वालों, बच्चों आदि जैसे सड़क पर कमजोर स्थिति वाले लोगों की सुरक्षा के लिए खास सावधानी और एहतियात बरतें।</p>
<p style="text-align: justify;">नियम-नौ, उन चौराहों पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताता है जहां पैदल यात्रियों के लिए क्रासिंग वगैरह होती हैं। ये नियम मोटर वाहन चालक के लिए सिर्फ दिशा-निर्देश हैं, ये न तो तय फुटपाथ पर चलने के मौलिक अधिकार को मान्यता देते हैं और न ही मोटर वाली सड़क के मुकाबले फुटपाथ के अधिकार को प्राथमिकता देते हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने कहा कि अफसोस की बात है कि आज भी मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत संसद ने मोटर ट्रांसपोर्ट के लिए कोई पूर्णकालिक नियामक संस्था नहीं बनाई है। अध्याय-पांच के तहत बताई गई ट्रांसपोर्ट अथारिटीज नियामक संस्थाएं नहीं हैं।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/news/national-supreme-court-right-to-walk-a-fundamental-right-in-india-40278361.html">'फुटपाथ पर पैदल चलना मौलिक अधिकार', Wrong Drive पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/Footpath-(1)-1781891493421_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/Footpath-(1)-1781891493421_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA['फुटपाथ बनाने में कितना समय लगता है?' सुप्रीम कोर्ट ने नगरपालिकाओं को लगाई फटकार
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA['न्याय मिलने में नहीं होगी तैयारी, मामलों का जल्दी होगा निपटारा', अमित शाह ने बताया- SC और HC के साथ तैयार हो रहा ब्लूप्रिंट
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-indian-government-prepare-blueprint-in-consultation-with-supreme-court-and-high-courts-amit-shah-says-no-delays-in-securing-justice-40278654.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-indian-government-prepare-blueprint-in-consultation-with-supreme-court-and-high-courts-amit-shah-says-no-delays-in-securing-justice-40278654.html</guid><pubDate>19 Jun 2026 16:36:59 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[मोदी सरकार देश की अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करने की तैयारी में है, जिसके लिए गृह मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के साथ मिलकर ब्लूप्रिंट तैयार कर रहा है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली।</strong> मोदी सरकार देश की अदालतों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए गृह मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के साथ मिलकर ब्लूप्रिंट तैयार कर रहा है।</p>
<p style="text-align: justify;">देशभर की अदालतों में पांच करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं। 26वें अखिल भारतीय फिंगर प्रिंट सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एफआइआर से सजा दिलाने तक तीन साल के भीतर न्याय सुनिश्चित करना सरकार का उद्देश्य है।</p>
<h3 style="text-align: justify;">अदालतों के साथ मिलकर तैयार हो रहा ब्लूप्रिंट</h3>
<p style="text-align: justify;">शाह ने अदालतों में मामलों का बोझ कम करने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों का संकेत देते हुए कहा कि<span style="background-color: #ffff00;"> इसके लिए सांध्यकालीन अदालतों की स्थापना के साथ ही हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित आपराधिक मामलों के निपटान की नई व्यवस्था पर भी काम चल रहा है। न्याय में देरी किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी।</span></p>
<p style="text-align: justify;">वर्चु्अल रूप से उपस्थित सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों के सामने शाह ने कहा कि हमें वैज्ञानिक आधार पर चालान तैयार करने होंगे और अदालतों का पूर्ण सहयोग करना होगा।</p>
<p style="text-align: justify;">शाह ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद फैसलों में तेजी आई है और कई मामलों में 90 दिन के भीतर अपराधियों को उम्र कैद तक की सजा दिलाई गई है।</p>
<p style="text-align: justify;">अमित शाह ने स्पष्ट किया कि अपराधी कितना भी चतुर हो, कानून और विज्ञान की संयुक्त शक्ति से नहीं बच सकता। अपराधियों का फिंटर प्रिंट से लेकर अन्य डाटा बेस तैयार करने के साथ ही अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से देश की पारंपरिक फोर्स आधारित पुलिसिंग माडल से आगे बढ़कर वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित जांच अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम बना रहा है।</p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रिपीट ऑफेंडर्स (आदतन अपराधी) को रोकने और अपराधियों के अंतरराज्यीय नेटवर्क को अपराध करने के पहले ही रोकने के लिए एआइ, मशीन लर्निंग और पैटर्न एनालिसिस के जरिये नया फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align: justify;">इस सिलसिले में शाह ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ये अपराध का रिकॉर्ड रखने वाली संस्था से आगे बढ़कर इंटेलिजेंस-ड्रिवन क्राइम प्रिवेंशन संस्था में बदल रही है। इसकी मदद से अपराध होने के बाद कार्रवाई करने की व्यवस्था से आगे बढ़कर अपराध को पहले ही रोकने वाली पुलिसिंग फ्रेमवर्क को तैयार किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align: justify;">देश में पुलिसिंग के बदलते स्वरूप की ओर इशारा करते हुए शाह ने कहा कि अपराधियों के एक करोड़ 29 लाख फिंगरप्रिंट रिकार्ड, नौ लाख नार्को अपराधियों का डेटा और तीन लाख 65 हजार ह्यूमन ट्रैफिकिंग रिकार्ड को एआइ और मशीन लर्निंग के जरिये एक्शन योग्य इंटेलिजेंस में बदलने का काम शुरू हो गया है।</p>
<p style="text-align: justify;">इसके साथ ही देश के सभी 17,840 पुलिस थानों को सीसीटीएनएस से जोड़ा जा चुका है और 37 करोड़ 86 लाख आनलाइन रिकॉर्ड को डाटा का एआइ एनालिसिस किया जा रहा है, जो अपराधियों को पकड़ने का महत्वपूर्ण टूल बनेगा।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/world/other-modis-g7-gifts-showcase-indias-rich-cultural-heritage-globally-40278644.html">जी7 में मोदी के उपहारों ने दुनिया को दिखाया भारत की सांस्कृतिक विरासत का वैभव</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/Supreme-Court-(10)-1781886875314_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/Supreme-Court-(10)-1781886875314_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA['न्याय मिलने में नहीं होगी तैयारी, मामलों का जल्दी होगा निपटारा', अमित शाह ने बताया- SC और HC के साथ तैयार हो रहा ब्लूप्रिंट
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[पंजाब में खेला करेगी भाजपा, अमित शाह ने संभाली चुनाव की कमान; क्या है पूरा प्लान?
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-bjp-set-to-make-its-move-in-punjab-amit-shah-takes-charge-of-punjab-assembly-election-2027-campaign-what-is-full-plan-40278621.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-bjp-set-to-make-its-move-in-punjab-amit-shah-takes-charge-of-punjab-assembly-election-2027-campaign-what-is-full-plan-40278621.html</guid><pubDate>19 Jun 2026 16:30:00 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[भाजपा बंगाल की तर्ज पर पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ेगी, जिसकी कमान अमित शाह ने संभाली है। ]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>नीलू रंजन, नई दिल्ली।</strong> बंगाल की तर्ज पर भाजपा पंजाब विधानसभा का चुनाव भी लड़ेगी। बंगाल के साथ ही दिल्ली, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र जैसे कठिन चुनावों में भाजपा की जीत की पटकथा लिखने वाले अमित शाह ने अब पंजाब विधानसभा चुनाव की कमान अपने हाथ में ले ली है।</p>
<p style="text-align: justify;">पिछले हफ्ते दिल्ली में पार्टी के पंजाब व केंद्रीय नेताओं के साथ बैठक में शाह ने पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति की समीक्षा के साथ ही भाजपा की रणनीति को धार दी।</p>
<h3 style="text-align: justify;">पंजाब चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा</h3>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">शनिवार से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के शुरू हो रहे पंजाब दौरे को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।</span> लंबे समय तक अकाली दल के साए में राजनीति करने वाली भाजपा इस बार अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है।</p>
<p style="text-align: justify;">वैसे कमजोर होते अकाली दल की ओर जूनियर पार्टनर के रूप में साथ आने के संकेत दिए जा रहे हैं। लेकिन बैठक में शाह ने साफ किया कि चुनाव की तैयारी अपने दम पर बहुमत लाने के लिए करनी होगी।</p>
<p style="text-align: justify;">इस कारण सबसे अधिक चर्चा पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की कमजोरियों और उसे दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदमों को लेकर हुई।</p>
<p style="text-align: justify;">शाह ने पंजाब के सीमावर्ती जिलों की सीटों के बारे में भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की। भाजपा ने इस बार ड्रग्स की समस्या, कानून व्यवस्था और मतांतरण को प्रमुख मुद्दा बनाने का फैसला किया है।</p>
<p style="text-align: justify;">इनके सहारे न सिर्फ आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार को घेरा जाएगा, बल्कि कांग्रेस और अकाली दल जैसे पूर्व में सत्ता में रहने वाली पार्टियों को भी निशाने पर लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align: justify;">पंजाब की जनता इन समस्याओं से लंबे समय से जूझ रही है। उनके सामने भाजपा इनसे मुक्ति का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करेगी।</p>
<h3 style="text-align: justify;">अमित शाह ने दिए निर्देश</h3>
<p style="text-align: justify;">शाह ने पंजाब भाजपा के नेताओं को सिख और दलित समुदाय के बीच पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया और इसके लिए केंद्र के वरिष्ठ नेताओं का कार्यक्रम लगाने को भी कहा।</p>
<p style="text-align: justify;">माना जा रहा है कि नितिन नवीन के बाद आने वाले दिनों में अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी पंजाब में कार्यक्रम समय-समय पर लगते रहेंगे।</p>
<p style="text-align: justify;">पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य तरुण चुग के अनुसार भगवंत मान सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। आम जनता में काफी नाराजगी है।</p>
<p style="text-align: justify;">अकाली दल के सिमटते दायरे और पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी के बीच भाजपा के पास बेहतर विकल्प के रूप में पेश करने का अवसर है। आने वाले दिनों में व्यापक जनसंपर्क अभियान के सहारे भाजपा जनता तक इसे पहुंचाने की कोशिश करेगी।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/west-bengal/kolkata-calcutta-hc-issues-contempt-notice-to-mamata-abhishek-40278536.html">21 जुलाई रैली पर हाई कोर्ट सख्त: ममता और अभिषेक को अवमानना नोटिस; तीन जुलाई को अगली सुनवाई</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/Amit-Shah-(14)-1781882907716_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/Amit-Shah-(14)-1781882907716_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[पंजाब में खेला करेगी भाजपा, अमित शाह ने संभाली चुनाव की कमान; क्या है पूरा प्लान?
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[NEET-UG परीक्षा के लिए एनटीए ने जारी किया WhatsApp नंबर, मिलेगी एग्जाम से जुड़ी सभी जानकारी
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-nta-releases-whatsapp-number-for-neet-ug-exam-get-all-information-on-mail-and-official-website-40278632.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-nta-releases-whatsapp-number-for-neet-ug-exam-get-all-information-on-mail-and-official-website-40278632.html</guid><pubDate>19 Jun 2026 16:30:00 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[नीट-यूजी की 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने छात्रों की मदद हेतु एक व्हाट्सएप चैनल शुरू किया है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली।</strong> नीट-यूजी के 21 जून को दोबारा आयोजन में शामिल हो रहे छात्रों को किसी तरह के झूठ और दुष्प्रचार से बचाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने अब एक और अहम कदम उठाया है।</p>
<p style="text-align: justify;">इसमें छात्रों की मदद के लिए एक व्हाट्सएप चैनल शुरू किया है। इसके जरिये छात्रों को परीक्षा से जुड़ी हर तरह की सूचना मुहैया कराई जाएगी।</p>
<h3 style="text-align: justify;">NEET परीक्षा के लिए व्हाट्सएप पर मिलेगी जानकारी</h3>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी आधिकारिक व्हाट्सएप संदेश सिर्फ उसके सत्यापित नंबर-91-7827980287 के माध्यम से ही भेजे जाएंगे।</span></p>
<p style="text-align: justify;">लिहाजा किसी भी संदेश पर भरोसा करने से पहले व्हाट्सएप के सत्यापित ब्लू टिक और एनटीए के नाम को जांचने का सुझाव दिया गया है।</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/06/19/template/image/NEET-(7)-1781883587500.jpg" alt="NEET (7)" width="640" height="320"></p>
<p style="text-align: justify;">एनटीए ने शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिये व्हाट्सएप चैनल शुरू करने की जानकारी दी। साथ ही स्पष्ट किया कि जिन अभ्यर्थियों ने 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए अपने प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर लिए हैं, उन्हें इसे दोबारा डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p style="text-align: justify;">एनटीए ने एक्स के जरिये बताया कि एसएमएस, ई-मेल एवं व्हाट्सएप के जरिये अब सिर्फ उन्हीं छात्रों को संदेश भेजे जा रहे हैं, जिन्होंने अभी तक अपने नए प्रवेश-पत्र डाउनलोड नहीं किए हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">एनटीए ने यह भी बताया कि अब तक 20 लाख छात्रों ने 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर लिए हैं। नीट-यूजी के लिए इस बार करीब 22 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं।</p>
<h3 style="text-align: justify;">पुराने प्रवेश-पत्र नहीं होंगे मान्य</h3>
<p style="text-align: justify;">एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि नीट-यूजी के तीन मई को हुए आयोजन के लिए जारी किए गए प्रवेश-पत्र 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए मान्य नहीं होंगे, क्योंकि कई उम्मीदवारों को उनके पसंदीदा शहरों में नए परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">गौरतलब है कि नीट-यूजी के तीन मई को हुए आयोजन को रद करने के बाद एनटीए ने छात्रों को परीक्षा केंद्र बदलने का विकल्प दिया था। बड़ी संख्या में छात्रों ने इसका लाभ उठाया है।</p>
<h3 style="text-align: justify;">एनआइसीपीईपी आइडी से आएंगे एसएमएस</h3>
<p style="text-align: justify;">एनटीए ने बताया कि असली एसएमएस आफिशियल सेंडर आइडी 'एनआइसीपीईपी' से भेजे जाएंगे और ईमेल 'no-reply.neet.nta@nic.in' से आएंगे।</p>
<p style="text-align: justify;">एनटीए ने दोहराया कि इस प्रक्रिया के लिए सिर्फ http://neet.nta.nic.in ही आधिकारिक वेबसाइट है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे इस यूआरएल को सीधे अपने ब्राउजर में डालें।</p>
<h3 style="text-align: justify;">व्हाट्सएप पर नहीं दे सकेंगे जवाब</h3>
<p style="text-align: justify;">एनटीए ने साफ किया कि व्हाट्सएप सर्विस सिर्फ 'ब्रॉडकास्ट-ओनली चैनल' है और यह आपसे जवाब देने, ओटीपी या निजी जानकारी साझा करने या भुगतान करने के लिए नहीं कहेगा। एनटीए की ओर से होने का दावा करने वाला कोई भी संदेश, जो ऐसी जानकारी मांगता है, वह फर्जी है।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/rajasthan/udaipur-neet-re-exam-fraud-student-arrested-for-selling-fake-papers-nta-conduct-nationwide-mock-drill-on-june-20-40278539.html">NEET Exam से पहले फर्जी लीक का भंडाफोड़, परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी; 20 जून को पूरे देश में मॉक ड्रिल</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/NEET-(8)-1781883966970_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/NEET-(8)-1781883966970_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[NEET-UG परीक्षा के लिए एनटीए ने जारी किया WhatsApp नंबर, मिलेगी एग्जाम से जुड़ी सभी जानकारी
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[झारखंड राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग से RJD-कांग्रेस में 'खटास', पार्टी हाई-कमान क्या लेंगे फैसला?
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-jharkhand-rajya-sabha-election-cross-voting-leads-to-rift-between-rjd-and-congress-what-decision-will-party-high-command-take-40278626.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-jharkhand-rajya-sabha-election-cross-voting-leads-to-rift-between-rjd-and-congress-what-decision-will-party-high-command-take-40278626.html</guid><pubDate>19 Jun 2026 16:28:52 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[झारखंड राज्यसभा चुनाव में राजद विधायकों द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ क्रॉस वोटिंग से दोनों दलों के बीच खटास बढ़ गई है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रीय स्तर पर राजद के विपक्षी इंडी गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद बिहार-झारखंड की क्षेत्रीय सियासत में कांग्रेस के साथ उसके रिश्ते की खटास बढ़ती जा रही है।</p>
<p style="text-align: justify;">झारखंड के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा का समर्थन करने की बजाय उनके खिलाफ राजद के चारों विधायकों के क्रॉस वोटिंग के ताजा प्रकरण ने पार्टी नेताओं को हतप्रभ कर दिया है। इसके मद्देनजर ही बिहार और झारखंड के कांग्रेस नेता खुले तौर पर राजद से रिश्ते की समीक्षा की बात उठाने लगे हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">बिहार कांग्रेस के कई नेता तो हाईकमान से मेल-मुलाकातों और पत्रों के जरिये पार्टी के भविष्य के लिए बंगाल और तमिलनाडु की तर्ज पर साहसिक सियासी फैसले की पैरोकारी कर रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align: justify;">राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग</h3>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">राजद से रिश्ते की समीक्षा की कांग्रेस के भीतर वैसे तो पैरोकारी बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी पराजय के साथ ही शुरू हो गई थी। लेकिन झारखंड में क्रॉस वोटिंग के ताजा प्रकरण ने अब इसमें इजाफा कर दिया है।</span></p>
<p style="text-align: justify;">झारखंड के कांग्रेस प्रभारी के राजू ने तो प्रणव झा की अप्रत्याशित हार के बाद पत्रकारों से बातचीत में राजद विधायकों पर धोखा देने का आरोप लगाने से परहेज नहीं किया।</p>
<p style="text-align: justify;">प्रदेश कांग्रेस के कई नेता तो इतने खफा हैं कि हेमंत सोरेन सरकार से राजद को बाहर करने तक की बात कह रहे हैं। राजद के झारखंड में दिखे ताजा रुख के बाद बिहार कांग्रेस के नेताओं को सूबे में अकेले अपने दम पर पार्टी को खड़ा करने की पैरोकारी का नए सिरे से मौका मिल गया है।</p>
<p style="text-align: justify;">विधानसभा चुनाव के बाद सूबे के कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस हाईकमान के साथ बैठकों-मुलाकातों में साफ कहा कि राजद और तेजस्वी यादव के नेतृत्व का राजनीतिक प्रयोग बार-बार विफल साबित हुआ है। ऐसे में पार्टी को अपनी जमीन वापस पाने के लिए शुरुआत करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align: justify;">बिहार के नेताओं का यह भी तर्क है कि नीतीश कुमार की सूबे से विदाई के बाद भाजपा-जदयू गठबंधन के मुकाबले विश्वसनीय वैकल्पिक विपक्ष की जगह खाली है।</p>
<p style="text-align: justify;">प्रशांत किशोर की जन सुराज अपने पहले प्रयोग में विफल रही है और ऐसे में जनता कांग्रेस को विकल्प देख रही है। बिहार में राजद से रिश्ते खत्म करने की मुखर पैरोकारी करने वाले सूबे के वरिष्ठ कांग्रेस नेता किशोर कुमार झा ने इस बारे में कहा कि गठबंधन में रहते हुए साथी दल हमेशा कांग्रेस को ही टारगेट करते हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम से साफ है कि राजद के 15 साल के शासन के इतिहास का खामियाजा कांग्रेस को उठाना पड़ा है। उनके अनुसार, भाजपा और नरेन्द्र मोदी से राजनीतिक तथा संविधान बचाने की लड़ाई केवल राहुल गांधी लड़ रहे हैं लेकिन गठबंधन के दल ही नाजुक मौके पर पीठ में छुरा घोपते हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">झा ने कहा कि झारखंड में क्रॉस वोटिंग के बाद राजद से रिश्ता तोड़कर पार्टी अकेले मैदान में नहीं उतरती तो राहुल गांधी के प्रति पनप रहे समर्थन का लाभ कांग्रेस को नहीं मिलेगा।</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि इन दोनों सूबों के पार्टी नेताओं की राय के बावजूद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व राजद से रिश्ते खत्म करने का अभी कोई संकेत नहीं दे रहा है। राहुल गांधी को तेजस्वी की ओर से शुक्रवार को दी गई जन्मदिन की बधाई के जवाब में नेता विपक्ष का मिलकर काम करते रहने का जवाब, इसी ओर इशारा कर रहा था।</p>
<p style="text-align: justify;">किशोर झा ने जहां राजद के खिलाफ बेझिझक टिप्पणी की तो झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने भी सहयोगी दल के छल पर अपनी नाराजगी जताने से गुरेज नहीं किया।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/jharkhand/ranchi-manohar-lal-khattar-urges-rooftop-solar-for-jharkhand-govt-buildings-40278509.html">झारखंड में सरकारी इमारतों पर लगेंगे सोलर पैनल, 31 अगस्त तक बदल जाएंगे मीटर; केंद्रीय मंत्री ने दिए निर्देश</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/RJD-Congress-1781886463255_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/RJD-Congress-1781886463255_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[झारखंड राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग से RJD-कांग्रेस में 'खटास', पार्टी हाई-कमान क्या लेंगे फैसला?
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA['पासपोर्ट डिलीवरी पूरी तरह से लोकतांत्रिक', बोले विदेश मंत्री जयशंकर]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-s-jaishankar-passport-delivery-now-truly-democratic-40278650.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-s-jaishankar-passport-delivery-now-truly-democratic-40278650.html</guid><pubDate>19 Jun 2026 15:42:44 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पासपोर्ट डिलीवरी प्रक्रिया अब "सचमुच लोकतांत्रिक" हो गई है, जो एक समृद्ध, दुनिया से जुड़े और विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण है। ]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि आज पासपोर्ट डिलीवरी की प्रक्रिया 'सचमुच लोकतांत्रिक' हो गई है और यह आसान सेवा एक समृद्ध, दुनिया से जुड़े और विकसित भारत के लिए इंजन का काम करती है।</p>
<p style="text-align: justify;">पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर आयोजित सालाना रीजनल पासपोर्ट आफिसर्स कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सालाना पासपोर्ट जारी करने की संख्या बढ़कर 138 लाख से अधिक हो गई है, जो भारत और यहां के लोगों की बढ़ती आकांक्षाओं को दिखाता है।</p>
<p style="text-align: justify;">विदेश मंत्री ने कहा कि आज पासपोर्ट सेवा तेज और आसानी से उपलब्ध हो गई है, जबकि पहले पासपोर्ट पाना एक विशेषाधिकार जैसा था।उन्होंने कहा कि आज पासपोर्ट की डिलीवरी की सुविधा सचमुच सबके लिए सुलभ हो गई है।</p>
<p style="text-align: justify;">अपने संबोधन से पहले, जयशंकर ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए विजेताओं को कई कैटेगरी में पासपोर्ट सेवा पुरस्कार भी दिए। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 2014 में पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या 77 थी, जो अब 545 से अधिक हो गई है।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)</strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/S-Jaishankar-(6)-1781883742463_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/S-Jaishankar-(6)-1781883742463_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA['पासपोर्ट डिलीवरी पूरी तरह से लोकतांत्रिक', बोले विदेश मंत्री जयशंकर]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[कोलकाता से अगरतला जा रही IndiGo की फ्लाइट पर गिरी बिजली, 147 लोग विमान पर थे सवार]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-indigo-plane-struck-by-lightning-at-kolkata-airport-40278517.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-indigo-plane-struck-by-lightning-at-kolkata-airport-40278517.html</guid><pubDate>19 Jun 2026 15:39:10 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[कोलकाता हवाई अड्डे पर आंधी-तूफान के दौरान इंडिगो के एक विमान पर बिजली गिर गई, जिसमें 147 लोग सवार थे।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> भारतीय विमानन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को आंधी-तूफान के चलते कोलकाता हवाई अड्डे पर खड़े एक इंडिगो विमान पर बिजली गिर गई।&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, घटना तब हुई जब इंडिगो की फ्लाइट 6E6068 (VT-IPW) एयरोब्रिज 56L पर खड़ी थी। एयरपोर्ट ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (AOCC) ने पहले ही मौसम को लेकर अलर्ट जारी कर दिया था, क्योंकि इलाके में आंधी-तूफान और भारी बारिश हो रही थी।</p>
<h2 style="text-align: justify;">विमान में 147 लोग सवार थे&nbsp;</h2>
<p style="text-align: justify;">अधिकारी ने बताया कि इस घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ है। एहतियात के तौर पर विमान में सवार सभी 141 यात्री और 6 क्रू सदस्यों को उतार लिया गया। बाद में उन्हें दूसरे विमान VT-ICD में बिठाया गया, जिसने अगरतला के लिए उड़ान भरी।</p>
<h2 style="text-align: justify;">किसी को गंभीर चोट नहीं&nbsp;</h2>
<p style="text-align: justify;">इंडिगो के अनुसार, बिजली गिरने से रनवे पर काम करने वाले दो कर्मचारी को मामूली चोटे आई हैं उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।</p>
<p style="text-align: justify;">शुक्रवार सुबह से ही कोलकाता और उसके आस-पास के कई जिलों में आंधी-तूफान और बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जलजमाव हो गया है और ट्रैफिक की समस्या आ रही है।<strong>&nbsp;</strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/IndiGo-lightning-strike-1781878369839_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/06/19/article/image/IndiGo-lightning-strike-1781878369839_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[कोलकाता से अगरतला जा रही IndiGo की फ्लाइट पर गिरी बिजली, 147 लोग विमान पर थे सवार]]></media:title></media:content></item></channel></rss>







