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<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title><![CDATA[Jagran.com Hindi News - news : national]]></title><link>http://www.jagran.com/news/ : national-news-hindi.html</link><description><![CDATA[Jagran.com Hindi News]]></description><language>hi</language><generator>Jagran</generator><image><url>http://www.jagran.com/Resources/jagran/images/Jagran_logo.gif</url><title>Jagran</title><link>http://www.jagran.com</link></image><item><title><![CDATA[संसदीय समिति ने हवाई किरायों में वृद्धि पर जताई चिंता, एयरलाइनों ने ईंधन लागत बढ़ने दिया हवाला
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-parliamentary-panel-concerned-over-rising-airfares-in-india-40425530.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-parliamentary-panel-concerned-over-rising-airfares-in-india-40425530.html</guid><pubDate>2 Nov 2026 18:27:28 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[संसदीय समिति ने इंडिगो और एअर इंडिया के अधिकारियों से हवाई किराए में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की। एयरलाइंस ने बढ़ती ईंधन लागत और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र बंद होने को इसका मुख्य कारण बताया, जिससे परिचालन लागत बढ़ गई है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> इंडिगो और एअर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सोमवार को हुई एक बैठक में संसदीय समिति ने हवाई किरायों में बढ़ोतरी पर चिंता जताई। इस पर एयरलाइन अधिकारियों ने समिति को बताया कि विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों और पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने से उनकी परिचालन लागत बढ़ रही है।</p>
<p>भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली सार्वजनिक उपक्रमों संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा हुई। समिति के सदस्यों ने सोमवार को दिन के दूसरे हिस्से में दोनों विमानन कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात की। इससे पहले दिन में उनकी बैठक नागरिक विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के महानिदेशकों साथ हुई।</p>
<p>सूत्र ने बताया कि इस बैठक में भारत में वैश्विक विमानन के तौर-तरीके अपनाने के लिए किए जा रहे उपायों और विमान सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।</p>
<p>गौरतलब है कि देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो को सितंबर तिमाही में ईंधन की ऊंची कीमतों और रुपये के मूल्य में गिरावट के चलते 1,879.1 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर उड़ानें संचालित करने वाली एअर इंडिया का घाटा भी 2025-26 में करीब दोगुना हो गया।</p>
<p><strong>(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)</strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/airfares--1793643961406_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/airfares--1793643961406_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[संसदीय समिति ने हवाई किरायों में वृद्धि पर जताई चिंता, एयरलाइनों ने ईंधन लागत बढ़ने दिया हवाला
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA['पत्नी को बेवकूफ कहना क्रूरता नहीं,' सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा ऐसा?
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-supreme-court-calling-wife-stupid-not-cruelty-dismisses-dowry-case-news-in-hindi-40425527.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-supreme-court-calling-wife-stupid-not-cruelty-dismisses-dowry-case-news-in-hindi-40425527.html</guid><pubDate>2 Nov 2026 18:27:05 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि पत्नी को 'बेवकूफ' या 'निक्कमी' कहना क्रूरता या आपराधिक धमकी नहीं है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong>&nbsp;दंपती के बीच के आपसी मतभेदों और तल्खियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने टोरंटो (कनाडा) में बहुमंजिला इमारत से कूदकर आत्महत्या करने वाली महिला के मामले में उसके पति के खिलाफ चल रहे दहेज हत्या के मामले को खारिज कर दिया।</p>
<p>कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि पत्नी को 'बेवकूफ' या 'निक्कमी' कहना किसी भी सूरत में क्रूरता या आपराधिक धमकी की श्रेणी में नहीं आता है। यह मामला तीन जनवरी 2021 को हुई शादी से जुड़ा है, जिसके बाद दंपती फरवरी 2022 में टोरंटो रहने चले गए थे। 11 जून 2023 को महिला ने 22वीं मंजिल पर स्थित अपने अपार्टमेंट से कूदकर जान दे दी थी।</p>
<p><span style="background-color: #ffff00;">मौके से मिले हाथ से लिखे सुसाइड नोट में महिला ने लिखा था कि वह एक साल से अधिक समय से नौकरी न मिलने के कारण खुद को जीवन में असफल मानती थी। इसके बावजूद उसके पिता ने औरंगाबाद के सतारा थाने में उसके पति और परिवार के खिलाफ दहेज हत्या, क्रूरता और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज कराया था।</span></p>
<p>मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ऐसा कोई भी ठोस सबूत पेश करने में पूरी तरह असफल रहा जो यह साबित कर सके कि पति या उसके परिवार ने दहेज की कोई मांग की थी या उस मांग का पत्नी की आत्महत्या से कोई सीधा संबंध था। कोर्ट ने कहा कि धारा 304बी (दहेज हत्या) के तहत आरोप सिद्ध करने के लिए यह साबित करना अनिवार्य है कि मौत से ठीक पहले महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था।</p>
<p>कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि पति का गुस्सा होना या छोटी-छोटी बातों पर डांटना पति-पत्नी के बीच के स्वभावगत मतभेद (टेम्परामेंटल इश्यू) को दर्शाता है, जिसे आपराधिक धमकी या क्रूरता नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि हम दुखी परिवार के दर्द और पीड़ा को पूरी तरह समझते हैं, लेकिन बिना किसी पुख्ता और ठोस सबूत के सिर्फ सामान्य आरोपों के आधार पर पति या ससुराल वालों को क्रूरता के इस दलदल में घसीटना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।<br><br><em>(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)</em></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Supreme-Court-(1)-1793643725035_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Supreme-Court-(1)-1793643725035_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA['पत्नी को बेवकूफ कहना क्रूरता नहीं,' सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा ऐसा?
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[केरलम में व्यक्ति ने की आत्महत्या की नाकाम कोशिश, 7 गाड़ियां आपस में टकराई; अब भुगतेगा सजा
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-kerala-man-suicide-bid-triggers-7-car-crash-now-faces-law-40425529.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-kerala-man-suicide-bid-triggers-7-car-crash-now-faces-law-40425529.html</guid><pubDate>2 Nov 2026 18:26:53 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[केरलम के कोट्टायम में एक व्यक्ति ने आत्महत्या की कोशिश में अपनी कार से कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे सात गाड़ियां आपस में टकरा गईं और 10 लोग घायल हो गए। ]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>डिजिटल डेस्क, कोट्टायम।</strong> केरलम के कोट्टायम जिले में एक व्यक्ति ने आत्महत्या की कोशिश की, जिसके चलते सात गाड़ियां आपस में टकरा गईं और 10 लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया आत्महत्या की नाकाम कोशिश करने वाले 27 साल के उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया।</p>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">कोट्टायम के कांजिरापल्ली के पास हुई दुर्घटना के बाद कुट्टिक्कल पुथूर के रहने वाले शारोनिन फिलिप पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया है। वह खुद भी घायल हो गए हैं और कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।</span></p>
<h2 style="text-align: justify;">एक घंटे तक बाधित रहा यातायात</h2>
<p style="text-align: justify;">यह घटना रविवार सुबह करीब 8.15 बजे नेशनल हाईवे 183 पर हुई। इसमें पांच कारों, एक ऑटो-रिक्शा और एक स्कूटर सहित कुल सात वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा।</p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस के अनुसार, फिलिप की कार तेज रफ्तार में थी तभी वह कई वाहनों से टकरा गई। इनमें एक ऑटो-रिक्शा भी शामिल था, जिसमें एक दंपति और उनके दो बच्चे सवार थे। कार एक खड़े स्कूटर और हाईवे पर जाने का इंतजार कर रही एक अन्य गाड़ी से भी टकरा गई। हादसे से कुछ सेकंड पहले की सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि सड़क पर गाड़ी कितनी तेज रफ्तार से चल रही थी।</p>
<h2 style="text-align: justify;">बच्चे को आईं गंभीर चोटें</h2>
<p style="text-align: justify;">पीछे से टक्कर लगने के बाद ऑटो-रिक्शा पलट गया। चार साल की अवनी को गंभीर चोटें आईं। उसके पिता श्यामजिथ (35), मां शालिनी (30) और नौ साल का भाई अद्वैत भी घायल हो गए। मडुक्का का रहने वाला यह परिवार कांजिरापल्ली की ओर जा रहा था। श्यामजिथ ने बताया कि उन्हें बस इतना याद है कि पीछे से कोई जोरदार टक्कर लगी थी।</p>
<p style="text-align: justify;">टक्कर के बाद फिलिप अपनी कार के अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों ने मिलकर उन्हें बाहर निकाला। अन्य घायलों में अंसारी (65), साहिल (31), पीवी राजन (65), रेवंद (12), श्रेवंद (11) और राजू (71) शामिल थे। घायलों में से तीन लोग शुरुआती इलाज के बाद घर चले गए।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/news/national-kerala-16-year-old-grandson-stabs-grandfather-to-death-in-alathur-wanted-to-kill-his-sister-40422779.html">केरलम: बहन की हत्या करना चाहता था 16 साल का भाई, बीच-बचाव कर रहे दादा की ले ली जान</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Jagran-Photo---2026-11-02T235445.392-1793643903089_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Jagran-Photo---2026-11-02T235445.392-1793643903089_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[केरलम में व्यक्ति ने की आत्महत्या की नाकाम कोशिश, 7 गाड़ियां आपस में टकराई; अब भुगतेगा सजा
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[शिकायतें नहीं सुलझाईं तो दूरसंचार कंपनियों पर लगेगा भारी जुर्माना, TRAI ने सख्त किए नियम
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-trai-imposes-20-lakh-penalty-on-telcos-for-unresolved-complaints-40425524.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-trai-imposes-20-lakh-penalty-on-telcos-for-unresolved-complaints-40425524.html</guid><pubDate>2 Nov 2026 18:17:35 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[ट्राई ने दूरसंचार और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के लिए उपभोक्ता शिकायत निवारण तंत्र को सख्त किया है। शिकायतें न निपटाने पर कंपनियों को प्रति सर्किल प्रति तिमाही 20 लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong>&nbsp;ट्राई ने कहा है कि दूरसंचार कंपनियों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा नहीं करने पर प्रति सर्किल में हर तिमाही 20 लाख रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सोमवार को इस संबंध में नए नियम जारी किए।</p>
<p><span style="background-color: #ffff00;">नियामक ने दूरसंचार और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के लिए उपभोक्ता शिकायत निवारण तंत्र को और सख्त कर दिया है। ट्राई ने कहा है कि शिकायत या अपील के निपटारे में लापरवाही पर सेवा प्रदाताओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में दूरसंचार कंपनी को एक सर्किल के लिए प्रति तिमाही 20 लाख रुपये से अधिक नहीं देनी होगी।</span></p>
<p>ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों और इंटरनेट सेवा देने वालों के लिए चौबीसों घंटे चालू रहने वाला शिकायत निवारण केंद्र स्थापित करना अनिवार्य कर दिया है। इन केंद्रों पर दिन में कम-से-कम 16 घंटे प्रतिनिधि उपलब्ध रहेंगे। अगर कोई उपभोक्ता किसी एआइ एजेंट से बात कर रहा है, तो इसकी सूचना उस व्यक्ति को दी जानी चाहिए। शिकायत केंद्र को मानवीय निगरानी के तहत संचालित करना होगा।</p>
<p>ट्राई ने कहा है कि ग्राहक सेवा नंबर पर बातचीत मुफ्त होनी चाहिए। सेवा प्रदाताओं को अपनी वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिये भी शिकायत दर्ज करने का विकल्प देना होगा। सेवा प्रदाता को ट्रैकिंग नंबर के साथ शिकायत मिलने की पुष्टि करनी होगी। जब तक शिकायत का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उपभोक्ताओं को नियमित जानकारी देनी होगी। शिकायत के निपटान के बाद अपील दायर करने की समय सीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दी गई है।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/TRAI-à¤¨à¥-à¤¸à¤à¥à¤¤-à¤à¤¿à¤-à¤¨à¤¿à¤¯à¤®-1793643426653_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/TRAI-à¤¨à¥-à¤¸à¤à¥à¤¤-à¤à¤¿à¤-à¤¨à¤¿à¤¯à¤®-1793643426653_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[शिकायतें नहीं सुलझाईं तो दूरसंचार कंपनियों पर लगेगा भारी जुर्माना, TRAI ने सख्त किए नियम
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[आंध्र प्रदेश की तेल रिफाइनरी में विस्फोट, लगी भीषण आग; खाली कराया गया इलाका 
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-massive-fire-at-andhra-pradesh-oil-refinery-after-explosion-40425500.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-massive-fire-at-andhra-pradesh-oil-refinery-after-explosion-40425500.html</guid><pubDate>2 Nov 2026 18:14:31 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एचपीसीएल तेल रिफाइनरी में विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई। इस घटना के कारण आसपास के क्षेत्र में घना धुआं फैल गया।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>डिजिटल डेस्क, विशाखापट्टनम।</strong>&nbsp;विशाखापत्तनम में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) रिफाइनरी में अचानक हुए धमाकों की आवाजों के बाद वहां भीषण आग लग गई।</p>
<p style="text-align: justify;">आग के कारण आसपास के इलाकों में घना धुआं फैल गया, जिससे वहां रहने वाले लोगों के बीच अफरा तफरी मच गई और इलाके को खाली कराया गया। बताया जा रहा है कि आग एक सल्फर पिच टैंक में लगी है।</p>
<h2 style="text-align: justify;">रफाइनरी खतरे से बाहर</h2>
<p style="text-align: justify;">विशाखापत्तनम के पुलिस कमिश्नर शंखब्रत बागची ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि आग सिर्फ टैंक तक ही सीमित है और इससे रिफाइनरी के बाकी हिस्सों को कोई खतरा नहीं है।</p>
<p style="text-align: justify;">एचपीसीएल की दमकल गाड़ियां और अन्य अग्निशमन टीमें आग पर काबू पाने में जुटी हुई हैं।&nbsp;अधिकारियों ने बताया कि धुएं को खतरनाक नहीं माना जा रहा है और अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।आग बुझाने का काम जारी है और अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/news/national-cyclone-murasu-schools-and-colleges-closed-in-andhra-pradesh-flights-cancelled-full-details-40425402.html">मुरासु का विकराल रूप: आंध्र प्रदेश में स्कूल-कॉलज बंद, 19 से ज्यादा फ्लाइट्स रद; अलर्ट पर NDRF</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Jagran-Photo---2026-11-02T231138.242-1793641325874_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Jagran-Photo---2026-11-02T231138.242-1793641325874_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[आंध्र प्रदेश की तेल रिफाइनरी में विस्फोट, लगी भीषण आग; खाली कराया गया इलाका 
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[CRPF ने रचा इतिहास: 12 महीने में नहीं गई किसी भी जवान की जान, 47 साल बाद हुआ ऐसा
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-crpfs-historic-feat-zero-casualties-in-operations-for-a-year-news-in-hindi-40425512.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-crpfs-historic-feat-zero-casualties-in-operations-for-a-year-news-in-hindi-40425512.html</guid><pubDate>2 Nov 2026 18:06:53 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[सीआरपीएफ ने 47 साल बाद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहां लगातार 12 महीनों तक किसी भी अभियान में कोई जवान शहीद नहीं हुआ।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।&nbsp;</strong>देश की आंतरिक सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सीआरपीएफ के जवानों ने लगातार 12 महीने यानी पूरे एक साल तक किसी भी अभियान में अपने किसी साथी को नहीं खोया। इसका मतलब है कि एक साल में सीआरपीएफ को अपने किसी भी अभियान में किसी जवान की जान नहीं गंवानी पड़ी।</p>
<p><span style="background-color: #ffff00;">बता दें कि आखिरी बार 30 अक्टूबर 2025 को सीआरपीएफ के जवान ने अभियान के दौरान वीरगति प्राप्त की थी। सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह के अनुसार 47 साल बाद यह उपलब्धि हासिल हुई है। इससे पहले जनवरी 1979 में यह रिकार्ड बना था।</span></p>
<p>सीआरपीएफ के महानिदेशक ने एक्स पर पोस्ट कर इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आधुनिक और अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, बेहतर प्रशिक्षण, रणनीतिक योजना और अभियान के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता ने इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों समेत सभी प्रमुख मोर्चों पर तैनाती के बावजूद सीआरपीएफ ने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया।</p>
<p><strong>(आइएएनएस के इनपुट के साथ)</strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/CRPF-makes-history-1793642777144_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/CRPF-makes-history-1793642777144_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[CRPF ने रचा इतिहास: 12 महीने में नहीं गई किसी भी जवान की जान, 47 साल बाद हुआ ऐसा
]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA['दरवाजों के अंदर सुलझाएं मतभेद, सार्वजनिक न करें'; टाटा बोर्डरूम विवाद पर बोलीं निर्मला सीतारमण]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-nirmala-sitharaman-on-tata-boardroom-battle-says-ca-not-be-spilling-out-in-public-40425515.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-nirmala-sitharaman-on-tata-boardroom-battle-says-ca-not-be-spilling-out-in-public-40425515.html</guid><pubDate>2 Nov 2026 18:05:34 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा समूह से अपने आंतरिक मतभेदों को सार्वजनिक न कर बंद दरवाजों के पीछे सुलझाने का आग्रह किया है। ]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p style="text-align: justify;"><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा समूह के नेतृत्व से आग्रह किया है कि वे अपने मतभेदों को बंद दरवाजों के पीछे सुलझा लें। उन्होंने कहा कि टाटा संस और उसके सबसे बड़े शेयरधारक, टाटा ट्रस्ट्स के बीच का विवाद एक संवेदनशील मामला है, जिसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है। इसलिए इसे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने देना चाहिए।</p>
<p style="text-align: justify;"><span style="background-color: #ffff00;">मुंबई में सोमवार को सीतारमण ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या सरकार इसमें दखल देगी या दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि इन मतभेदों को सुलझाने के लिए इसमें शामिल लोगों के बीच व्यावसायिक सूझबूझ और सौहार्दपूर्ण रवैये की जरूरत है।</span></p>
<h2 style="text-align: justify;">'मैं जानती हूं टाटा की ब्रांड वैल्यू'</h2>
<p style="text-align: justify;">वित्त मंत्री ने कहा, "मुझे लगता है कि ये बहुत ही नाजुक मामले हैं और ऐसे मामले हैं जिनमें काफी व्यावसायिक सूझ-बूझ की जरूरत होगी। इसमें आपसी सौहार्द और अच्छे कारोबारी रिश्तों की भी भूमिका होगी। इसलिए, मामला चाहे कितना भी गंभीर क्यों न हो मैं तुरंत कोई बात नहीं कहूंगी। मैं टाटा की ब्रांड वैल्यू को जानती हूं और यह भी जानती हूं कि टाटा को एक बड़ा वैश्विक ब्रांड बनाने में पारसी समुदाय का कितना बड़ा योगदान रहा है।"</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने दोनों पक्षों से आग्रह किया कि वे अपने मतभेदों को सार्वजनिक टकराव का मुद्दा बनने देने के बजाय आपस में बातचीत करें।</p>
<h2 style="text-align: justify;">'सार्वजनिक रूप से बाहर नहीं आने चाहिए मतभेद'</h2>
<p style="text-align: justify;">वित्त मंत्री ने कहा, "मुझे यह भी पता है कि टाटा समूह किन-किन क्षेत्रों में सक्रिय है। इसलिए भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसलिए इसे आपसी सहमति से सुलझा लिया जाना चाहिए। उन्हें आपस में बातचीत करके यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो जाए। यह मामला इस तरह सार्वजनिक रूप से बाहर नहीं आना चाहिए। नेतृत्व की परिपक्वता को देखते हुए हम यही चाहेंगे कि यह मामला जल्द से जल्द सुलझ जाए। यही मेरी राय है।"</p>
<h2 style="text-align: justify;">क्या है पूरा मामला?</h2>
<p style="text-align: justify;">उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब 158 साल पुराने इस समूह के भीतर मतभेद चल रहे हैं। चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के नेतृत्व वाले टाटा संस और नोएल टाटा की अध्यक्षता वाले टाटा ट्रस्ट्स के बीच असहमति कई महीनों से पनप रही थी, जो 17 सितंबर को हुई एक बोर्ड बैठक में सबके सामने आ गई।</p>
<p style="text-align: justify;">मतभेद के दो मुख्य मुद्दे हैं। पहला टाटा संस की प्रस्तावित लिस्टिंग और दूसरा चंद्रशेखरन का चेयरमैन बने रहना। ये घटनाक्रम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक संदेश के बाद सामने आए, जिसमें आरबीआई ने टाटा संस की कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के तौर पर अपना पंजीकरण रद करने की मांग को खारिज कर दिया था।</p>
<p style="text-align: justify;">आरबीआई का संदेश मिलने के एक हफ्ते के भीतर ही टाटा संस के बोर्ड ने केंद्रीय बैंक के निर्देश के अनुसार कंपनी को लिस्ट कराने का फैसला किया। बोर्ड ने चंद्रशेखरन को चेयरमैन के पद पर फिर से नियुक्त करने को भी मंजूरी दे दी।</p>
<p style="text-align: justify;">नोएल टाटा अकेले ऐसे निदेशक थे जिन्होंने इन फैसलों के खिलाफ वोट दिया। टाटा ट्रस्ट्स का प्रतिनिधित्व करने वाले दूसरे नामित निदेशक, वेणु श्रीनिवासन ने अलग रुख अपनाते हुए बहुमत का समर्थन किया।</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, वरिष्ठ वकील डेरियस खंबाटा ने सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (एसडीटीटी) और सर रतन टाटा ट्रस्ट (एसआरटीटी) में दोबारा ट्रस्टी बनने की मांग नहीं करने का फैसला किया है। उनका मौजूदा कार्यकाल नौ नवंबर को समाप्त होने जा रहा है।</p>
<p style="text-align: justify;">टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और मुख्य कार्यकारी सिद्धार्थ शर्मा को सोमवार को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि पुनर्नियुक्ति के लिए सभी साथी न्यासियों का समर्थन जरूरी है। पद पर बने रहने की मांग से उनकी स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।</p>
<p style="text-align: justify;">ट्रस्टियों वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह के नोएल के खिलाफ एकजुट होने के बीच 17 सितंबर की टाटा संस बोर्ड की बैठक में मतभेद खुलकर सामने आए। सूचीबद्धता के मुद्दे पर नोएल अकेले असहमत थे, जबकि श्रीनिवासन ने टाटा संस का साथ दिया। पत्र में खंबाटा ने बैठक के तरीके की आलोचना की और इसे 'कलंक का दिन' बताया, जिससे टाटा संस की प्रतिष्ठा और भारतीय कारोबारी जगत की छवि को नुकसान पहुंचा।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:&nbsp;<a href="https://www.jagran.com/news/national-sebi-monitoring-tata-group-governance-developments-40423470.html">टाटा समूह के गवर्नेंस से जुड़े घटनाक्रम पर सेबी की नजर, चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कही ये बात</a></strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Jagran-Photo---2026-11-02T233346.906-1793642679060_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Jagran-Photo---2026-11-02T233346.906-1793642679060_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA['दरवाजों के अंदर सुलझाएं मतभेद, सार्वजनिक न करें'; टाटा बोर्डरूम विवाद पर बोलीं निर्मला सीतारमण]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA['कानून केवल कागजी आश्वासन बनकर नहीं रह सकते', बंधुआ मजदूरी पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-laws-cannot-remain-mere-assurances-on-paper-supreme-court-takes-a-firm-stance-on-bonded-labour-40425509.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-laws-cannot-remain-mere-assurances-on-paper-supreme-court-takes-a-firm-stance-on-bonded-labour-40425509.html</guid><pubDate>2 Nov 2026 17:54:36 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने बंधुआ मजदूरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इससे जुड़े कानून सिर्फ कागजी आश्वासन नहीं हो सकते। ]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाले बंधुआ मजदूरी के इस गंभीर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि बंधुआ मजदूरी पर संवैधानिक प्रतिबंध और इसके निवारण के लिए बनाए गए कानून महज कागजी आश्वासन बनकर नहीं रह सकते।</p>
<p>कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे छह महीने के भीतर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और पुनर्वास योजना को पूरी तरह लागू करें।</p>
<p>कोर्ट ने कहा कि बंधुआ मजदूरी से मुक्ति पाना ही राज्य के दायित्व की इतिश्री नहीं है। यदि एक मजदूर को गुलामी की बेड़ियों से आजाद तो कर दिया जाए, लेकिन उसे समय पर वित्तीय सहायता और सम्मानजनक जीवन जीने के साधन न मिलें, तो आर्थिक लाचारी उसे दोबारा उसी नरक में लौटने को मजबूर कर देती है जिससे कानून उसे बचाने चला था। कोर्ट ने कहा कि पहचान, मुक्ति और पुनर्वास एक ही निरंतर संवैधानिक उत्तरदायित्व के अलग-अलग चरण हैं।</p>
<p>यह आदेश सुरेंद्र मांझी जैसे पीड़ितों की दर्दनाक दास्तां पर आया, जिन्हें 2019 में बचाया गया था। लेकिन 2022 तक वित्तीय सहायता के लिए उन्हें तरसना पड़ा, जबकि उनके साथ के 17 अन्य लोगों को आज भी मदद का इंतजार है। इसे गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि रिहाई प्रमाण पत्र मिलने के सात दिनों के भीतर वित्तीय सहायता मिल जानी चाहिए और आपराधिक जांच लंबित होने के नाम पर इसे रोका नहीं जा सकता।</p>
<p>इसके साथ ही, शिकायतों का सत्यापन 24 घंटे के भीतर करने और पूरे देश में एक समान रिहाई प्रमाण पत्र लागू करने की बात कही गई है, ताकि प्रशासनिक बाधाएं पीड़ितों के आड़े न आएं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई सात महीने बाद तय की है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि कागजों से निकलकर यह आजादी सचमुच पीड़ितों के जीवन में उजाला बनकर उतरे।</p>
<p><strong>(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)</strong></p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/SC-F-1793641947296_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/SC-F-1793641947296_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA['कानून केवल कागजी आश्वासन बनकर नहीं रह सकते', बंधुआ मजदूरी पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[3200 पैनल और सहयोगी कंपनिया...सौरभ चंद्राकर ने कैसे फैलाया महादेव सट्टा एप का नेटवर्क?

]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-mahadev-satta-app-saurabh-chandrakars-94000-cr-scam-network-40425504.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-mahadev-satta-app-saurabh-chandrakars-94000-cr-scam-network-40425504.html</guid><pubDate>2 Nov 2026 17:47:37 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[सौरभ चंद्राकर ने महादेव सट्टा ऐप और सहयोगी प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से तीन वर्षों में 94,000 करोड़ रुपये का विशाल सट्टा नेटवर्क फैलाया। ]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>नीलू रंजन, नई दिल्ली।</strong> महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ने सहयोगी कंपनियों और 3200 पैनल के सहारे तीन वर्ष के अंदर 94 हजार करोड़ का चूना लगाने में सफल रहा। 2019 तक भिलाई के जूस की दुकान पर 15 हजार रुपये की नौकरी करने वाला सौरभ चंद्राकर महादेव सट्टा एप का सट्टा चलाने वाला पैनल 15-20 लाख रुपये में देता था। उन पैनल से होने वाली कमाई का 70-80 प्रतिशत हर हफ्ते महादेव सट्टा एप के खाते में आता था।</p>
<p>सारा कारोबार दुबई स्थित मुख्यालय से नियंत्रित किया जाता था, जहां भिलाई और उसके आसपास के युवा बड़ी संख्या में काम करते थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 2022 से महादेव सट्टा एप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।</p>
<p>ईडी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, महादेव सट्टा एप के पैनल भिलाई और दुबई के साथ-साथ पूरे देश में फैले हुए थे और इन पर हर दिन करोड़ों रुपये का कलेक्शन आता था। इन्हें संभालने के लिए बड़ी संख्या में बैंक अकाउंट खोले गए थे, जिनमें ये पैसे घुमाए जाते थे और उसके बाद हवाला के मार्फत दुबई भेज दिए जाते थे।</p>
<p>इन बैंक अकाउंट्स को रखने वालों को छोटा हिस्सा कमीशन के रूप में दिया जाता था। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे भी बैंक अकाउंट मिले हैं, जिन्हें फर्जी तरीके से केवाईसी दस्तावेज जुटाकर खोला गया था। 2023 में महादेव सट्टा एप और उसके प्रमोटरों पर शिकंजा कसने के बाद भी उसके द्वारा बांटे गए पैनलों पर सट्टे का कारोबार चलता रहा, जिन्हें एजेंसियां धीरे-धीरे ढूंढकर बंद करा रही हैं।</p>
<p>एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पैनल का पूरा सिस्टम फ्रेंचाइजी तरीके से काम करता था, इसीलिए उन्हें ढूंढने में दिक्कत आ रही है। महादेव सट्टा एप के कुबेर का खजाना साबित होने के बाद सौरभ चंद्राकर यहीं नहीं रुका। बल्कि उसने रेड्डी, अन्ना, फेयरप्ले जैसे सहयोगी प्लेटफॉर्म भी खड़े कर लिए थे।</p>
<p>ईडी के आकलन के अनुसार, सिर्फ महादेव सट्टा एप और उसके पैनल के माध्यम से चंद्राकर ने 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक जुटाए थे। इसके अलावा स्काईएक्सचेंज के माध्यम से 12 हजार करोड़ और लोटस365 के माध्यम से 2400 करोड़ रुपये जुटाए थे।</p>
<h3>दिल्ली के कोर्ट ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी</h3>
<p>सौरभ चंद्राकर को अदालत से झटका लगा है। राउज एवेन्यू स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) को उसकी दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दे दी। जांच एजेंसी अब उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश करेगी।</p>
<p>सुनवाई के दौरान चंद्राकर के अधिवक्ता ने सीबीआई की मांग का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि उनके मुवक्किल का ओमान से प्रत्यर्पण प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के मामले में हुआ है, सीबीआई के मामले में नहीं। इसलिए ट्रांजिट रिमांड की मांग उचित नहीं है।</p>
<p>अदालत ने यह दलील खारिज कर एजेंसी की मांग स्वीकार कर ली। ईडी ने अदालत को बताया कि चंद्राकर के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गैर-जमानती वारंट जारी है और वह उसे गिरफ्तार करना चाहती है। सीबीआई ने रविवार को ओमान से चंद्राकर का प्रत्यर्पण कराया था। वह सीबीआई के दो और ईडी के एक मामले में वांछित है। तीनों मामलों में आरोप-पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Saurabh-Chandrakar--1793641410885_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Saurabh-Chandrakar--1793641410885_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[3200 पैनल और सहयोगी कंपनिया...सौरभ चंद्राकर ने कैसे फैलाया महादेव सट्टा एप का नेटवर्क?

]]></media:title></media:content></item><item><title><![CDATA[देश में POCSO के 2.45 लाख से अधिक मामले लंबित, सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में 
]]></title><link>http://www.jagran.com/news/national-over-245-lakh-pocso-cases-pending-in-india-up-worst-news-in-hindi-40425501.html</link><guid isParmaLink="false">http://www.jagran.com/news/national-over-245-lakh-pocso-cases-pending-in-india-up-worst-news-in-hindi-40425501.html</guid><pubDate>2 Nov 2026 17:45:25 GMT</pubDate><author>JPN/Bureau</author><description><![CDATA[देश भर में बच्चों के यौन उत्पीड़न से जुड़े पॉक्सो कानून के तहत 2.45 लाख से अधिक मामले अदालतों में लंबित हैं। इनमें उत्तर प्रदेश की स्थिति सबसे चिंताजनक है।]]></description><content:encoded><![CDATA[<div id="cnt_j0QnRe" class="container-wrapper one_column"><div id="cnt_j0QnRe_control" class="column-wrapper"><div class="control-wrapper"><div id="para_Ttbrkm" class="jg_paragraph" style="padding-top: 5px; padding-bottom: 5px; margin-top: 5px; margin-bottom: 5px;"><p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> बच्चों के यौन उत्पीड़न के मामलों में न्याय मिलने की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। बच्चों को यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए बने कानून&nbsp;पॉक्सो के तहत दर्ज 2.45 लाख से अधिक मामले देशभर की अदालतों में लंबित हैं। इनमें उत्तर प्रदेश की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां 65 हजार से 75 हजार मामलों में अभी भी फैसले का इंतजार है।</p>
<p><span style="background-color: #ffff00;">उपलब्ध डाटा के अनुसार, केरलम में 13 हजार से 18 हजार, राजस्थान में 12 हजार से 16 हजार और तमिलनाडु में 8 हजार से 11 हजार मामले लंबित हैं। संसद की गृह मामलों से संबंधित स्थायी समिति ने चार राज्यों में&nbsp;पॉक्सो मामलों की लंबित संख्या और विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के प्रदर्शन की सोमवार को समीक्षा की।</span></p>
<h3><strong>पुलिस अधिकारियों ने रखा अपना पक्ष</strong></h3>
<p>बैठक में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और केरलम के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने समिति के सामने अपना पक्ष रखा। बैठक में शामिल सदस्यों ने बताया कि अधिकारियों से&nbsp;पॉक्सो के तहत लंबित मामलों के बारे में पूछा गया।</p>
<p>पॉक्सो&nbsp;मामलों के निपटारे के लिए गठित फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (एफटीएससी) की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी मांगी गई। गौरतलब है कि&nbsp;पॉक्सो कानून की धारा 35 के तहत मुकदमे की सुनवाई एक वर्ष के भीतर पूरी करने का प्रविधान है।</p></div></div></div></div>]]></content:encoded><media:thumbnail url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Over-2.45-Lakh-POCSO-Cases-Pending-in-India,-1793641498758_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image" height="90" width="90"/><media:content url="http://images.jagran.com/images/2026/11/02/article/image/Over-2.45-Lakh-POCSO-Cases-Pending-in-India,-1793641498758_t.jpg" type="image/jpeg" medium="image"><media:title><![CDATA[देश में POCSO के 2.45 लाख से अधिक मामले लंबित, सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में 
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